if ( ! function_exists( 'jnews_get_views' ) ) { /** * Gets views count. * * @param int $id The Post ID. * @param string|array $range Either an string (eg. 'last7days') or -since 5.3- an array (eg. ['range' => 'custom', 'time_unit' => 'day', 'time_quantity' => 7]) * @param bool $number_format Whether to format the number (eg. 9,999) or not (eg. 9999) * @return string */ function jnews_get_views( $id = null, $range = null, $number_format = true ) { $attr = array( 'id' => $id, 'range' => $range, 'number_format' => $number_format, ); $query_hash = 'query_hash_' . md5( serialize( $attr ) ); $views = wp_cache_get( $query_hash, 'jnews-view-counter' ); if ( false === $views ) { $views = JNews_View_Counter()->counter->get_views( $id, $range, $number_format ); wp_cache_set( $query_hash, $views, 'jnews-view-counter' ); } return $views; } } if ( ! function_exists( 'jnews_view_counter_query' ) ) { /** * Do Query * * @param $instance * @return array */ function jnews_view_counter_query( $instance ) { $query_hash = 'query_hash_' . md5( serialize( $instance ) ); $query = wp_cache_get( $query_hash, 'jnews-view-counter' ); if ( false === $query ) { $query = JNews_View_Counter()->counter->query( $instance ); wp_cache_set( $query_hash, $query, 'jnews-view-counter' ); } return $query; } } astrology in Hindi Archives - हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव https://astrodeeva.com/tag/astrology-in-hindi/ Daily Dose of Astrology Tue, 26 Dec 2023 16:44:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://astrodeeva.com/wp-content/uploads/2022/03/cropped-Logo-32x32.png astrology in Hindi Archives - हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव https://astrodeeva.com/tag/astrology-in-hindi/ 32 32 Astrology – अपनी कुण्डली से जानें आपको व्यवसाय में सफलता या विफलता https://astrodeeva.com/astrology-know-from-your-horoscope-whether-you-will-be-successful-or-unsuccessful-in-business/ https://astrodeeva.com/astrology-know-from-your-horoscope-whether-you-will-be-successful-or-unsuccessful-in-business/#respond Tue, 26 Dec 2023 16:44:33 +0000 https://astrodeeva.com/?p=3718 जातक के व्यवसाय में कैसी स्थिति रहेगी इस विषय का आंकलन ज्योतिष द्वारा किया जा सकता है। ग्रहों की किस प्रकार की दृष्टि, युति या स्थान परिवर्तन कैसा हो रहा है, इन सभी तथ्यों के आधार पर कारोबार में सफलता-असफलता एवं लाभ हानि को ज्ञात किया जा सकता है। जन्म कुण्डली के अनुसार व्यक्ति में […]

The post Astrology – अपनी कुण्डली से जानें आपको व्यवसाय में सफलता या विफलता appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
जातक के व्यवसाय में कैसी स्थिति रहेगी इस विषय का आंकलन ज्योतिष द्वारा किया जा सकता है। ग्रहों की किस प्रकार की दृष्टि, युति या स्थान परिवर्तन कैसा हो रहा है, इन सभी तथ्यों के आधार पर कारोबार में सफलता-असफलता एवं लाभ हानि को ज्ञात किया जा सकता है। जन्म कुण्डली के अनुसार व्यक्ति में कार्यनिष्ठा का भाव देखने के लिये दशम घर से शनि का संबन्ध देखा जाता है।

जातक की कुण्डली के आधार पर इस बात का पता लगाया जा सकता है कि वह कैरियर के क्षेत्र में कौन सी लाईन पकडेगा। कई व्यक्ति जीवन में दूसरों के अधीन रहकर कार्य करते हैं अर्थात नौकरी से अपनी आजीविका प्राप्त करते हैं तो कुछ व्यक्ति स्वतंत्र रुप से कार्य करना पसन्द करते हैं। कुण्डली में व्यापार करने के लिए योग मौजूद होते हैं। यह योग निम्नलिखित हैं।

  • चन्द्रमा, गुरु तथा शुक्र परस्पर दो या बारह भावों में स्थित हों तो व्यक्ति स्वयं के व्यवसाय से जीविकोपार्जन करता है।
  • यदि चन्द्र कुण्डली में शुभ ग्रह केन्द्र में हो तो जातक बिजनेस से धन कमाता है।
  • कुण्डली में बुध, राहु या शनि से दृष्ट अथवा युति है तो व्यक्ति स्वतंत्र रुप से व्यवसाय करने की चाह रखता है। लेकिन शनि कुण्डली में बली होकर बुध को दृष्ट कर रहा है तो व्यक्ति नौकरी करता है।
  • चन्द्र कुण्डली से गुरु तृतीय भाव में स्थित हो तथा शुक्र लाभ भाव में स्थित हो तो व्यक्ति अपना स्वयं का व्यवसाय कर सकता है।
  • कुण्डली में सप्तम भाव का स्वामी यदि धन भाव में स्थित है और बुध सप्तम भाव में स्थित हो व्यक्ति बिजनेस कर सकता है।
  • कुण्डली में बुध तथा शुक्र द्वितीय भाव अथवा सप्तम भाव में स्थित हों और शुभ ग्रहों से दृष्ट हो तब जातक व्यापार की ओर झुकाव रख सकता है।
  • बुध को बिजनेस का कारक ग्रह माना जाता है। बुध कुण्डली में यदि सप्तम भाव में द्वितीयेश के साथ है तब जातक बिजनेस करता है।
  • दूसरे भाव का स्वामी शुभ ग्रह की राशि में स्थित हो और बुध या सप्तमेश उसे देख रहें हों तब व्यक्ति व्यापार करता है।
  • यदि गुरु की द्वितीय भाव के स्वामी पर दृष्टि हो तो व्यक्ति व्यापार कर सकता है।
  • उच्च के बुध पर द्वितीयेश की दृष्टि होने पर जातक व्यापार करने में रूचि रखता है।
  • यदि लग्नेश तथा दशमेश की परस्पर एक दूसरे पर दृष्टि हो, युति या दोनों का स्थान परिवर्तन हो रहा हो तब व्यक्ति बिजनेस कर सकता है।
  • दशम भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि होने से व्यापार करता है। उसे बिजनेस में धन लाभ होता है।
  • दशम भाव में बुध की स्थिति से व्यक्ति व्यापारी बनता है।
  • कुण्डली में आत्मकारक ग्रह के नवाँश में शनि स्थित है तब व्यक्ति व्यापार में समृद्धि पाता है।
  • सप्तम भाव से द्वादश भाव तक या दशम भाव से तृतीय भाव तक पाँच या पाँच से अधिक ग्रह स्थित हैं तब व्यक्ति स्वतंत्र व्यापार करता है।
  • दशम भाव का स्वामी केन्द्र या त्रिकोण भाव में स्थित है तब भी व्यक्ति स्वतंत्र रुप से व्यापार कर सकता है।

ये भी जाने: 9 ग्रहों को मजबूत करने के सरल उपाय

कौन सा व्यवसाय चुने?

  • मंगल और चतुर्थ भाव का स्वामी केन्द्र या त्रिकोण भाव में स्थित हो या लाभ भाव में स्थित हो और दशमेश के साथ शुक्र तथा चन्द्रमा की युति हो तब व्यक्ति कृषि तथा पशुपालन से धन प्राप्त करता है।
  • कुण्डली के नवम भाव में बुध, शुक्र तथा शनि स्थित है तब व्यक्ति कृषि कार्य से धन प्राप्त करता है।
  • कुण्डली में सूर्य ग्रह से लेकर शनि ग्रह तक सभी ग्रह परस्पर त्रिकोण भाव में स्थित हैं, तब जातक कृषि से संबंधित कार्यों से अपनी आजीविका कमा सकता है।
  • गुरु अष्टम भाव में स्थित हो और पाप ग्रह केन्द्र में हों और किसी भी शुभ ग्रह का संबंध इनसे नहीं हो तो व्यक्ति माँस – मछली आदि का व्यापार करता है।
  • बुध या शुक्र दशम भाव में दशमेश का नवाँशपति होकर स्थित हो तो व्यक्ति कपडे़ का व्यवसाय कर सकता है।
  • लग्न तथा सप्तम भाव में सभी ग्रह स्थित हो तब शकट योग बनता है और व्यक्ति ट्राँसपोर्ट से या लकडी़ के सामान के व्यापार से धनोपार्जन करता है।
  • राहु-केतु को छोड़कर कुण्डली में सातों ग्रह किन्हीं चार भावों में स्थित है तो व्यक्ति भूमि अर्थात कृषि कार्य से लाभ पाता है।
  • कुण्डली में चन्द्रमा या शुक्र की युति लग्नेश से हो जातक लेखक, कवि या पत्रकार बन सकता है।
  • मंगल तथा सूर्य के दशम भाव में स्थित होने के कारण जातक अपनी कार्य कुशलता के आधार पर एक अच्छा कारीगर बनता है और धन पाता है।
  • चन्द्रमा, बुध के नवाँश में स्थित हो और सूर्य से दृष्ट हो तब व्यक्ति अभिनय के क्षेत्र में सफलता हासिल करता है।
  • दशम भाव में चन्द्रमा तथा राहु की युति व्यक्ति को कूटनीतिज्ञ बनाती है।
  • कुण्डली में दशम भाव में मंगल स्थित हो या मंगल का दशम भाव के स्वामी के साथ दृष्टि या युति संबंध हो तब व्यक्ति कुशल प्रशासक बनता है या सेना में अधिकारी का पद प्राप्त कर सकता है।

The post Astrology – अपनी कुण्डली से जानें आपको व्यवसाय में सफलता या विफलता appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/astrology-know-from-your-horoscope-whether-you-will-be-successful-or-unsuccessful-in-business/feed/ 0
मोरपंख का महत्त्व और इससे जुड़े अचूक उपाय https://astrodeeva.com/importance-of-peacock-feathers-and-surefire-remedies-related-to-it/ https://astrodeeva.com/importance-of-peacock-feathers-and-surefire-remedies-related-to-it/#respond Tue, 22 Mar 2022 09:13:11 +0000 https://astrodeeva.com/?p=3026 ज्योतिष में मोरपंख को सभी नौ ग्रहों का प्रतिनिधि माना गया है, विशेष तौर पर मोरपंख के कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें किसी शुभ मुहूर्त में करने से सभी समस्याओं से तुरंत छुटकारा मिल जाता है। श्रीकृष्ण का श्रृंगार मोर पंख के बिना अधूरा ही लगता है। वे अपने मुकुट में मोर पंख भी […]

The post मोरपंख का महत्त्व और इससे जुड़े अचूक उपाय appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
ज्योतिष में मोरपंख को सभी नौ ग्रहों का प्रतिनिधि माना गया है, विशेष तौर पर मोरपंख के कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें किसी शुभ मुहूर्त में करने से सभी समस्याओं से तुरंत छुटकारा मिल जाता है। श्रीकृष्ण का श्रृंगार मोर पंख के बिना अधूरा ही लगता है। वे अपने मुकुट में मोर पंख भी विशेष रूप से धारण करते हैं। मोर पंख का संबंध केवल श्रीकृष्ण से नहीं, बल्कि अन्य देवी-देवताओं से भी है। शास्त्रों के अनुसार मोर के पंखों में सभी देवी-देवताओं और सभी नौ ग्रहों का वास होता है।

प्राचीन काल में एक मोर के माध्यम से देवताओं ने संध्या नाम के असुर का वध किया था। पक्षी शास्त्र में मोर और गरुड़ के पंखों का विशेष महत्व बताया गया है। आइये जानते हैं मोर पंख आपके जीवन को किस तरह सुख- समृद्धि से भर देता है।

मोरपंख के अचूक उपाय

  • मोर का शत्रु सर्प है. अत: ज्योतिष में जिन लोगों को राहू की स्थिति शुभ नहीं हो उन्हें मोर पंख सदैव अपने साथ रखना चाहिए।
  • आयुर्वेद में मोर पंख से तपेदिक, दमा, लकवा, नजला और बांझपन जैसे दुसाध्य रोगों में सफलता पूर्वक चिकित्सा बताई गई है।
  • जीवन में मोर पंख से कई तरह के संकट दूर किये जा सकते हैं. अचानक कष्ट या विपत्ति आने पर घर अथवा शयनकक्ष के अग्नि कोण में मोर पंख लगाना चाहिए. थोड़े ही समय में सकारात्मक असर होगा।
  • धन-वैभव में वृद्धि की कामना से निवेदन पूर्वक नित्य पूजित मन्दिर में श्रीराधा-कृष्ण के मुकुट में मोर पंख की स्थापना करके/करवाकर 40वें दिन उस मोर पंख को लाकर अपनी तिजोरी या लॉकर में रख दें. धन-संपत्ति में वृद्धि होना प्रारम्भ हो जायेगी। सभी प्रकार के रुके हुए कार्य भी इस प्रयोग से बन जाते हैं।
  • जिन लोगों की कुण्डली में राहू-केतु कालसर्प योग का निर्माण कर रहे हों उन्हें अपने तकिये के खोल में 7 मोर पंख सोमवार की रात्रि में डालकर उस तकिये का उपयोग करना चाहिए साथ ही शयनकक्ष की पश्चिम दिशा की दीवार पर मोर पंखों का पंखा जिसमें कम से कम 11 मोर पंख लगे हों लगा देना चाहिए। इससे कुण्डली में अच्छे ग्रह अपनी शुभ प्रभाव देने लगेंगे और राहू-केतु का अशुभत्व कम हो जायेगा।
  • अगर बच्चा जिद्दी होता जा रहा हो तो उसे नित्य मोर पंखों से बने पंखे से हवा करनी चाहिए या अपने सीलिंग फैन पर ही मोर पंख पंखुड़ियों पर चिपका देना चाहिए।
  • नवजात शिशु के सिरहाने चांदी के तावीज में एक मोर पंख भरकर रखने से शिशु को डर नहीं लगेगा और नजर इत्यादि का डर भी नहीं रहेगा।

The post मोरपंख का महत्त्व और इससे जुड़े अचूक उपाय appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/importance-of-peacock-feathers-and-surefire-remedies-related-to-it/feed/ 0
Astro Tips – अपनी राशि के अनुसार करें ये विशेष उपाय, मां लक्ष्मी होगी प्रसन्न और बरसेगा धन https://astrodeeva.com/astro-tips-take-these-special-measures-as-per-your-wish-mother-lakshmi-will-be-happy-and-money-will-rain/ https://astrodeeva.com/astro-tips-take-these-special-measures-as-per-your-wish-mother-lakshmi-will-be-happy-and-money-will-rain/#comments Wed, 16 Feb 2022 04:42:38 +0000 https://astrodeeva.com/?p=2882 Astro Tips for wealth and prosperity – हमारी भौतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए धन आवश्यक होता है। शास्त्रों में भी मनुष्य के लिए चार पुरूषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष बताए गए हैं। अर्थात यहां अर्थ का संबंध धन से है। धन मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, कहते हैं जिस व्यक्ति के […]

The post Astro Tips – अपनी राशि के अनुसार करें ये विशेष उपाय, मां लक्ष्मी होगी प्रसन्न और बरसेगा धन appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
Astro Tips for wealth and prosperity – हमारी भौतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए धन आवश्यक होता है। शास्त्रों में भी मनुष्य के लिए चार पुरूषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष बताए गए हैं। अर्थात यहां अर्थ का संबंध धन से है। धन मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, कहते हैं जिस व्यक्ति के ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है उसे ऐश्वर्य प्राप्त होता है। उसके जीवन में दरिद्रता नहीं आती है। जबकि इसके विपरीत मां लक्ष्मी के रूठने पर व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता बनी रहती है। मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में राशि के अनुसार, कुछ विशेष उपाय( Astro Tips) बताए गए हैं। ये उपाय बेहद सरल और कारगर होते हैं। यदि कोई जातक इन उपायों को विधिपूर्वक कर ले तो ऐसे जातकों की समस्त प्रकार की आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं। आप भी अपनी राशि के अनुसार धन प्राप्ति के ये उपाय कर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

राशि अनुसार धन प्राप्ति के सरल उपाय (Astro Tips For Money)

 

 

Mesh

मेष राशि – मेष राशि के जातकों को धन प्राप्ति के लिए नित्य सुबह सूर्य देव के दर्शन करना चाहिए। पूजा में लक्ष्मीनारायण भगवान को गुड़ वाली खीर का भोग लगाना चाहिए। इस उपाय को करने लाभ होगा।

 

वृषभ राशि – वृष राशि के जातकों को नित्य सुबह भगवान शिव के दर्शन करना चाहिए और शुक्रवार के दिन शिवलिंग पर साबुत चावल अर्पित करना चाहिए। इस उपाय करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

 

 मिथुन राशि – मिथुन राशि वालों को नित्य सुबह देवी लक्ष्मी या देवी दुर्गा के दर्शन करना चाहिए। वहीं बुधवार के दिन गणपति जी को लाल फूल अर्पित करना चाहिए। इस उपाय को करने से बुध देव आपके विघ्नों को दूर करेंगे।

 

कर्क राशि – कर्क राशि के जातकों को नित्य सुबह भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करना चाहिए और पूजा में उन्हें तुलसी पत्र, मिश्री माखन का भोग लगाना चाहिए। इस उपाय को करने से आपकी आर्थिक स्थिति समृद्ध होगी।

 

सिंह राशि – सिंह राशि वालों को नित्य सुबह भगवान सूर्य नारायण के दर्शन करें और लाल गुलाब हनुमान जी के चरणों से स्पर्श कराकर पर्स में रखें। आपको आर्थिक लाभ होगा।

 

कन्या राशि – कन्या राशि के जातकों को नित्य सुबह भगवान गणेश जी के दर्शन करने चाहिए और देवी दुर्गा जी को सफेद चावल अर्पित करें। यह उपाय आपके लिए कारगर सिद्ध होगा।

 

तुला राशि – तुला राशि के जातकों को भगवान लक्ष्मीनारायण जी को कमल का फूल अर्पित करना चाहिए और मंगलवार के दिन हनुमान जी पांच बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।

 

 वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि के जातकों को तुलसी के पौधे को किसी विष्णु मंदिर में लगाना चाहिए। यदि आप व्यापारी वर्ग से आते हैं तो यात्रा करने से पहले श्री राम स्तुति का पाठ करें। आर्थिक लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

Also Read: हस्तरेखा ज्योतिष – जानिए क्या कहता है आपकी हथेली का रंग

 

धनु राशि – धनु राशि के जातकों को सुबह हनुमान जी का दर्शन करना चाहिए और गुरुवार के दिन पीपल के नीचे मिठाई रखनी चाहिए। इसके साथ ही आपको रोजाना पीले चंदन का तिलक लगाना चाहिए।

 

मकर राशि – मकर राशि के जातकों को नित्य सुबह देवी गायत्री का दर्शन करना चाहिए और सभी महत्वपूर्ण काम से पहले सफेद फूल अपने साथ लेकर जाना चाहिए। यह उपाय आपको कामयाबी दिला सकता है।

 

कुंभ राशि – कुंभ राशि के जातकों को केले के पेड़ के नीचे शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना चाहिए और सभी महत्वपूर्ण काम से पहले हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करना चाहिए।

 

मीन राशि – मीन राशि के जातकों को भगवान विष्णु को केसर का तिलक करना चाहिए, फिर वही तिलक अपने माथे पर भी लगाएं। साथ ही देवी लक्ष्मी को पेठे का भोग लगाएं।

 

 

ये भी पढ़ें – Vastu Tips: घर में समृद्धि लानी है तो लगाएँ ये पेड़ -पौधे

The post Astro Tips – अपनी राशि के अनुसार करें ये विशेष उपाय, मां लक्ष्मी होगी प्रसन्न और बरसेगा धन appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/astro-tips-take-these-special-measures-as-per-your-wish-mother-lakshmi-will-be-happy-and-money-will-rain/feed/ 15
Tripushkar Yog – देता है तिगुना फल, जाने 2022 में त्रिपुष्कर योग के दिन एवं समय https://astrodeeva.com/tripushkar-yog-gives-treble-results-know-the-date-and-time-of-tripushkar-yoga-in-2022/ https://astrodeeva.com/tripushkar-yog-gives-treble-results-know-the-date-and-time-of-tripushkar-yoga-in-2022/#respond Thu, 10 Feb 2022 04:02:01 +0000 https://astrodeeva.com/?p=2848 ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के योग बताए गए हैं जिसका हमारे जीवन में शुभ और अशुभ प्रभाव पड़ता है। शुभ योग व्यक्ति के जीवन को सुख-शांति से भर देता हैं, जबकि अशुभ योग व्यक्ति के जीवन में कठनाई पैदा करते हैं। ऐसे ही योगों में एक योग है त्रिपुष्कर योग (Tripushkar Yog)। इस योग […]

The post Tripushkar Yog – देता है तिगुना फल, जाने 2022 में त्रिपुष्कर योग के दिन एवं समय appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के योग बताए गए हैं जिसका हमारे जीवन में शुभ और अशुभ प्रभाव पड़ता है। शुभ योग व्यक्ति के जीवन को सुख-शांति से भर देता हैं, जबकि अशुभ योग व्यक्ति के जीवन में कठनाई पैदा करते हैं। ऐसे ही योगों में एक योग है त्रिपुष्कर योग (Tripushkar Yog)। इस योग में जो भी शुभ कार्य करते हैं, उसका नाम के अनुसार तिगुना फल प्राप्त होता हैं। लेकिन इस योग के दौरान किसी वजह से हानि हो जाती है, तो इसमें भी तिगुनी हानि का सामना करना पड़ता हैं।

त्रिपुष्कर योग  क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तीन ग्रहों के मिलने से एक योग का निर्माण होता है, जिसे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है। इस दौरान कोई भी काम करने से उसका तीन गुना अधिक फल प्राप्त होता है। और अगर यह योग शनिवार और रविवार के दिन होने से व्यक्ति को जबरदस्त फायदा होता है।

रविवार, मंगलवार, शनिवार में से कोई भी दिन हो और उन दिनों में द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी में से कोई भी तिथि हो, तो ऐसे योग को त्रिपुष्कर योग कहते हैं। यह योग मकान, वाहन, आभूषण या कोई कीमती वस्तु बनाने के लिए शुभ होता है। इस योग में बड़े सौदे जैसे जमीन-जायदाद या प्रॉपटी, आभूषण, वाहन आदि खरीदना तीन गुना लाभ देता है। लोगों में यह भी प्रचलित है की इस दौरान किये गये शुभ कार्यों को जीवन में तीन बार करने का मौका मिलता है। ज्योतिष अनुसार हर दूसरे या तीसरे दिन इस तरह के योग बनते रहते हैं।

2022 में त्रिपुष्कर योग-Tripushkar Yog in 2022

दिनांक 

दिन / वार 

त्रिपुष्कर योग का समय

जनवरी 4, 2022

मंगलवार

07:15 ए एम से 10:57 ए एम

फरवरी 13, 2022

रविवार

09:28 ए एम से 06:42 पी एम

फरवरी 22, 2022

मंगलवार

06:34 पी एम से 06:52 ए एम, फरवरी 23

फरवरी 27, 2022

रविवार

08:49 ए एम से 05:42 ए एम, फरवरी 28

मार्च 9, 2022

बुधवार

12:31 ए एम से 06:38 ए एम

अप्रैल 18, 2022

सोमवार

05:34 ए एम से 05:53 ए एम

अप्रैल 23, 2022

शनिवार

05:48 ए एम से 06:27 ए एम

अप्रैल 27, 2022

बुधवार

12:47 ए एम से 05:44 ए एम

मई 2, 2022

सोमवार

03:25 ए एम से 05:40 ए एम

जून 12, 2022

 रविवार

02:05 ए एम से 03:23 ए एम

जून 20, 2022

सोमवार

04:53 ए एम से 05:24 ए एम

जून 25, 2022

शनिवार

10:24 ए एम से 01:09 ए एम, जून 26

जुलाई 5, 2022

मंगलवार

07:28 पी एम से 05:29 ए एम, जुलाई 06

अगस्त 13, 2022

शनिवार

11:28 पी एम से 12:53 ए एम, अगस्त 14

अगस्त 23, 2022

मंगलवार

10:44 ए एम से 05:55 ए एम, अगस्त 24

अगस्त 28, 2022

रविवार

09:56 पी एम से 05:57 ए एम, अगस्त 29

सितम्बर 7, 2022

बुधवार

03:04 ए एम से 06:02 ए एम

अक्टूबर 17, 2022

सोमवार

02:15 ए एम से 06:23 ए एम

अक्टूबर 22, 2022

शनिवार

01:50 पी एम से 06:02 पी एम

अक्टूबर 31, 2022

सोमवार

05:48 ए एम से 06:32 ए एम

दिसम्बर 20, 2022

मंगलवार

09:55 ए एम से 12:45 ए एम, दिसम्बर 21

दिसम्बर 24, 2022

शनिवार

10:15 पी एम से 07:11 ए एम, दिसम्बर 25

दिसम्बर 25, 2022

रविवार

07:11 ए एम से 08:24 ए एम

Also Read : 

फरवरी 2022 में पड़ने वाले व्रत एवं त्यौहार

घर में समृद्धि लानी हे तो लगायें ये पेड़ -पौधे

The post Tripushkar Yog – देता है तिगुना फल, जाने 2022 में त्रिपुष्कर योग के दिन एवं समय appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/tripushkar-yog-gives-treble-results-know-the-date-and-time-of-tripushkar-yoga-in-2022/feed/ 0
हस्तरेखा ज्योतिष – जानिए क्या कहता है आपकी हथेली का रंग https://astrodeeva.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b7-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95/ https://astrodeeva.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b7-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95/#respond Sun, 25 Apr 2021 14:07:53 +0000 https://astrodeeva.com/?p=1960 हस्तकला ज्योतिष शास्त्र की कई विधाओं में से एक है हस्तरेखा ज्योतिष जिसमे हाथो की रेखाओ का अध्ययन कर जातक के भविष्य , स्वभाव, स्वास्थ्य, व्यवसाय आदि के बारे में बताया जाता है। इसी हस्तरेखा ज्योतिष में इंसान की हथेलियों के रंगों का अध्ययन कर के भी इंसान के बारे में कई बातें बताई जाती […]

The post हस्तरेखा ज्योतिष – जानिए क्या कहता है आपकी हथेली का रंग appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
हस्तकला ज्योतिष शास्त्र की कई विधाओं में से एक है हस्तरेखा ज्योतिष जिसमे हाथो की रेखाओ का अध्ययन कर जातक के भविष्य , स्वभाव, स्वास्थ्य, व्यवसाय आदि के बारे में बताया जाता है। इसी हस्तरेखा ज्योतिष में इंसान की हथेलियों के रंगों का अध्ययन कर के भी इंसान के बारे में कई बातें बताई जाती है। वैसे तो यह काम निपुण हस्तरेखा विशेषज्ञ ही ढंग से कर सकते है। फिर भी सामान्य रूप से आपकी हथेलियों का रंग आपके बारे में क्या बताते है यह आप इस लेख में जान सकते हैं।

हथेली का रंग पीला होना

यदि किसी व्यक्ति की हथेली का रंग पीला दिखाई देता है तो यह शुभ लक्षण नहीं होता है। पीले रंग की हथेली व्यक्ति की कमजोरी की ओर इशारा करती है। ऐसी हथेली वाले लोगों को कई प्रकार की बीमारियां होने का भय बना रहता है। यदि किसी स्त्री की हथेली का रंग पीला है तो वह पुरुष की ओर जल्दी आकर्षित हो जाती है और यदि किसी पुरुष की हथेली का रंग पीला है तो वह किसी स्त्री की ओर जल्दी आकर्षित जाता है हो। इस प्रकार की हथेली वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखनी चाहिए। खान-पान में किसी भी प्रकार असावधानी, इन्हें बहुत जल्दी बीमारी कर सकती है।

हथेली का रंग मटमैला होना

जिन लोगों की हथेली मटमैले रंग की होती है, वे जीवन में अधिकांश समय दरिद्रता का सामना करते हैं। धन की कमी के कारण ये लोग निराश हो जाते हैं। ऐसी हथेली वाला व्यक्ति कड़ी मेहनत के बाद भी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाते हैं। आमतौर पर ऐसे लोग कार्यों में झूठ का सहारा भी लेते हैं। इन्हें अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

हथेली पर दाग-धब्बे होना यदि किसी व्यक्ति की हथेली पर दाग-धब्बे दिखाई देते हैं तो वे लोग नशे की लत के शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोगों का जीवन सामान्यत: सुख-सुविधाओं के अभाव में व्यतीत होता है।

हथेली का रंग सफेद होना

निस्तेज सफेद रंग– निस्तेज सफेद रंग का अर्थ है कि ऐसा सफेद रंग जिसमें किसी प्रकार की चमक ना हो, आभाहीन सफेद रंग की हथेली, सूखी-सूखी हथेली दिखाई देना। जिन लोगों की हथेली ऐसी होती है, वे उत्साही नहीं होते हैं। किसी भी कार्य के प्रति इन लोगों में कोई उत्साह नहीं होता है। आमतौर पर ऐसे लोग अकेले में रहना पसंद करते हैं। किसी भी समारोह या पार्टी में इनका मन नहीं लगता है। ये कार्य के प्रति अकर्मठ रहते हैं, इस वजह से इन्हें महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं पाती है हो। इनके जीवन में धन की कमी बनी रहती है। इस कारण इनके जीवन में अधिकांश समय कठिन परिस्थितियां रहती हैं।

चमकदार सफेद रंग– जिन लोगों की हथेली सफेद रंग की है और वह चमकदार है, सुंदर दिखाई देती है तो ऐसे लोगों का मन आध्यात्म की ओर होता है। इस प्रकार की हथेली वाले लोग अद्भुत शक्तियों के मालिक होते हैं। कार्यों को पूरी तन्मयता और उत्साह के साथ पूर्ण करते हैं। ये लोग शांति प्रिय होते हैं।

हथेली का रंग लाल होना

जिन लोगों की हथेली का रंग लाल होता है, साथ ही हथेली चमकदार और चिकनी दिखाई देती है तो उन लोगों पर महालक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। ऐसे लोगों के जीवन में सभी सुख-सुविधाएं रहती हैं। हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार लाल रंग की हथेली बहुत शुभ होती है। ऐसी हथेली वाले लोगों को समाज में मान-सम्मान भी मिलता है। आमतौर पर ऐसी हथेली वाले लोग उच्च स्तरीय कार्य करते हैं। ये लोग अधिक शारीरिक श्रम से बचे रहते हैं।लाल रंग की हथेली वाले लोग स्वभाव से भावुक और थोड़े क्रोधी होते हैं। कभी-कभी इन्हें छोटी-छोटी बातों पर क्रोध आ जाता है। साथ ही, इन लोगों के विचारों में अस्थिरता रहती है।

हथेली का रंग गुलाबी होना

गहरा गुलाबी– जिस व्यक्ति की हथेली का रंग गहरा गुलाबी दिखाई देता है, वह शाही सुख प्राप्त करने वाला होता है। यदि इन लोगों की छोटी-छोटी बातें भी पूरी नहीं होती हैं तो इन्हें क्रोध आ जाता है। हालांकि, ये लोग बहुत जल्दी खुश भी हो जाते हैं। इन लोगों के विचार बदलते रहते हैं, आज जिस बात को सही बता रहे हैं, उसी बात को कल गलत भी बता सकते हैं।

हल्का गुलाबी– जिन लोगों की हथेली का रंग हल्का गुलाबी दिखाई देता है, वे लोग अच्छे स्वभाव और उच्च विचारों वाले होते हैं। घर-परिवार और समाज में अपने गुणों के कारण मान-सम्मान प्राप्त करते हैं। किसी भी कार्य को पूर्ण धैर्य और शांति के साथ पूर्ण करते हैं। इस प्रकार की हथेली वाले लोग हर हाल में सदैव प्रसन्न रहते हैं।

 

(ध्यान रखें, हस्तरेखा से भविष्य देखने के लिए दोनों हाथों की पूरी स्थिति का अध्ययन अतिआवश्यक है। इसके बाद ही कोई सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।)

 

The post हस्तरेखा ज्योतिष – जानिए क्या कहता है आपकी हथेली का रंग appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b7-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95/feed/ 0
मिथुन राशिफल 2021- Mithun Rashifal 2021 https://astrodeeva.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2-2021-mithun-rashifal-2021/ https://astrodeeva.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2-2021-mithun-rashifal-2021/#respond Fri, 18 Dec 2020 08:50:23 +0000 https://astrodeeva.com/?p=1523 मिथुन राशिफल 2021 के अनुसार, बृहस्पति, जो आपकी राशि के दसवें घर का स्वामी है, वर्ष 2021 के पहले महीने में आपके आठवें घर में रहेगा। इसके बाद अप्रैल के महीने में यह आपके नौवें घर में स्थानांतरित हो कर प्रभावित करेगा। इस पूरे वर्ष शनि आपके आठवें भाव में रहेंगे और छाया ग्रह राहु […]

The post मिथुन राशिफल 2021- Mithun Rashifal 2021 appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
मिथुन राशिफल 2021 के अनुसार, बृहस्पति, जो आपकी राशि के दसवें घर का स्वामी है, वर्ष 2021 के पहले महीने में आपके आठवें घर में रहेगा। इसके बाद अप्रैल के महीने में यह आपके नौवें घर में स्थानांतरित हो कर प्रभावित करेगा। इस पूरे वर्ष शनि आपके आठवें भाव में रहेंगे और छाया ग्रह राहु और केतु पूरे वर्ष में क्रमशः आपके दूसरे और छठे घर में मौजूद रहेंगे। 6 सितंबर से 5 दिसंबर के बीच मंगल ग्रह आपके चौथे और पांचवें घर को भी सक्रिय करेगा। दूसरी ओर, सूर्य और बुध वर्ष की शुरुआत में आपके सातवें घर से गुजरते हुए पूरे वर्ष में आपके कुंडली के विभिन्न घरों को सक्रिय करेंगे।

इन ग्रहों की स्थिति के कारण, आपको अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान, नौकरीपेशा लोगों को अपने सहकर्मियों से सहयोग न मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और उनके प्रमोशन में देरी होगी। वार्षिक राशिफल 2021 के अनुसार, व्यवसायी और व्यापारियों के लिए समय अच्छा रहेगा। लेकिन कोई भी बड़ा लेनदेन करते समय सतर्क रहें। इस वर्ष की शुरुआत आर्थिक जीवन में अनुकूल होगी, हालाँकि थोड़ी हानि होने की संभावना है, इससे आपको निराशा का सामना भी करना पड़ सकता है।

आपके स्वास्थ्य की बात करें तो यह वर्ष कमजोर परिणाम देगा। अष्टम भाव में शनि और बृहस्पति का संयोग आपको रक्त और वायु जनित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित कर सकता है। इसके साथ ही अत्यधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थ के कारण होने वाले रोग जैसे नेत्र रोग, अनिद्रा, अपच, गैस, गठिया आदि भी उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए, मिथुन राशि वाले जातकों को 2021 का सुझाव है कि वो अपनी पहली प्राथमिकता सेहत की देखभाल को रखें।

आर्थिक राशिफल 2021

मिथुन राशि वाले जातकों के लिए वर्ष 2021 आर्थिक दृष्टि से एक मध्यम वर्ष होगा क्योंकि बृहस्पति और शनि आपके अष्टम भाव में युति बनाएँगे। बृहस्पति और शनि के गोचर के कारण धन हानि की संभावना है। आप की कुंडली में जब बृहस्पति का गोचर कुंभ राशि में होगा तो आप परिस्थितियों में कुछ सुधार महसूस करेंगे और इस समय आप को धन लाभ भी होगा। आपका पिछला कोई निवेश सार्थक होगा।

वर्ष 2021 में आपके के लिए जनवरी के अंत से लेकर फरवरी, अप्रैल, मई और सितंबर का महीना उत्तम फल दायी होगा। इस दौरान आप जो भी प्रयास करेंगे वो सफल होंगे और आप का आर्थिक पक्ष भी मज़बूत होगा। इस वर्ष आपकी कुंडली के द्वादश भाव में छाया ग्रह राहु की उपस्थिति आपके ख़र्चों में वृद्धि कर सकती है।

स्वास्थ्य राशिफल 2021

वर्ष 2021 मिथुन राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से कमजोर रहेगा, अष्टम भाव में शनि और बृहस्पति का संयोग आपको रक्त और वायु जनित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित कर सकता है। इसलिए इस वर्ष चर्बी युक्त भोजन करने से परहेज़ करें और नियमित व्यायाम से अपनी सेहत का ध्यान रखें। जितना सम्भव हो धूल भारी जगहों पर जाने से बचें, अन्यथा स्वास संबंधित रोग आप को ग्रसित कर सकते हैं।

करियर राशिफल 2021

वर्ष 2021 मिथुन राशि के जातक जो नौकरी करते हैं उन के लिए कुछ अच्छे योग ला रहा है। इस वर्ष अगर आप एक टीम की तरह काम करेंगे/ करेंगी तो ये आप के करियर में अधिक लाभदायक होगा। इस वर्ष आप अपनी बुद्धिमत्ता के साथ अपना काम बहुत अच्छी तरह से पूरा करेंगे और नए काम को हाथ में लेंगे जिसे आप अपने योजनाओं और बुद्धिमत्ता से सफलतापूर्वक अपनी समय सीमा को पूरा करेंगे। आपकी यही कार्यकुशलता आपको ऑफिस में आपके वरिष्ठों का विश्वासपात्र बना देगी।

इस वर्ष की शुरुआत में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन अप्रैल से परिस्थितियां बदल जाएंगी। आपको अपने कार्यक्षेत्र में भी सम्मान मिलेगा और इसके कारण आपको अच्छा पद मिल सकता है। यदि आप चाहें, तो आप एक अच्छा हस्तांतरण भी ले सकते हैं, क्योंकि अप्रैल मध्य से सितंबर तक आपको बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।

ये भी पढ़ें: करियर ग्रोथ के लिए टॉप 5 रत्न

व्यवसायिक राशिफल 2021

मिथुन राशि के जातक जो व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, वह 2021 को एक अच्छे अवसर के रूप में देखेंगे और अपनी योजनाओं और बुद्धिमत्ता से पूरा लाभ उठायेंगे। ग्रहों की स्थिति यह संकेत देती है कि आप अपने व्यवसाय के संबंध में बहुत परिपक्व दिखेंगे और अपने दिमाग का इस्तेमाल करके अपने व्यापार को नई दिशा पे लेजायेंगे। इस साल आपके बिजनेस पार्टनर के साथ आपका रिश्ता बिगड़ सकता है, लेकिन इसके बावजूद आप अपने बिजनेस में आगे बढ़ेंगे। वर्ष की शुरुआत में आपके और बिजनेस पाटर्नर के मध्य कुछ अनबन होने के कारण कुछ समस्याएँ आएंगी लेकिन जैसे-जैसे यह साल आगे बढ़ेगा, आप इस ग़लतफ़हमी को दूर करेंगे और आपका व्यवसाय सफलता की ऊँचाइयों को छूएगा। वर्ष का मध्य काल बृहस्पति की कृपा से आपके लिए सबसे अच्छा होगा। आप अपने व्यवसाय की वृद्धि के लिए कुछ नए लोगों से मिलेंगे और कुछ यात्राएँ भी कर सकते हैं। अगर आप हर चीज़ का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो यह साल निस्संदेह आपके व्यवसाय को एक नया आकार देने में सक्षम होगा। सितंबर और नवंबर के बीच कुछ समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे चीजें सुधर जाएंगी।

शिक्षा राशिफल 2021

मिथुन राशिफल 2021 के अनुसार, इस राशि के विद्यार्थी जातकों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव नजर आएँगे। खासतौर से वो छात्र जो विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह वर्ष विशेष फलदायी साबित होगा। छात्रों के लिए सबसे ज्यादा उत्तम जनवरी, फरवरी और मई का महीना रहने वाला है। शनि देव की कृपा से आपको इस समय अपनी मेहनत का फल मिलेगा और आप हर परीक्षा में सफलता हासिल करेंगे।

राशिफल 2021 यह संकेत देता है कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के लिए भी अप्रैल से सितंबर तक का समय विशेष फल दायी रहेगा। आपको इस दौरान हर विषय को समझने में मदद मिलेगी, जिससे आप अपने भविष्य के लिए कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। हालांकि इस वर्ष भर केतु आपकी राशि के छठे भाव में विराजमान रहेंगे, जिससे छात्रों को कई विषयों को समझने में कुछ परेशानी महसूस होंगी, परंतु इनसे निजात पाते हुए आप सफलता अर्जित करने में कामयाब होंगे।

विवाह कुंडली 2021

यदि आप शादीशुदा हैं तो, वर्ष 2021 आपके वैवाहिक जीवन में कई परिवर्तन लेकर आने वाला है क्योंकि साल की शुरुआत में सूर्य और बुध देव आपके सप्तम भाव में विराजमान होंगे, जिसके चलते आपके और जीवन साथी के बीच प्रेम बढ़ेगा लेकिन इस दौरान जीवनसाथी में कुछ परिवर्तन भी आएँगे, जिसका प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन पर पड़ सकता है। साथ ही संभावना है कि जीवन साथी का यह बदलता स्वभाव आपके दांपत्य जीवन पर भी असर डालेगा और इससे जीवनसाथी के अंदर अहंकार की वृद्धि होगी। इसके चलते आपके और उनके बीच विवाद हो सकता है। ऐसे में अपने वैवाहिक जीवन को सुलझाने और उसे अनुकूल बनाने का प्रयास करते रहें। इस वर्ष शनि और बृहस्पति की युति आपके ससुराल पक्ष के लिए अच्छी नहीं देखी जाएगी क्योंकि संभावना है कि ससुराल में किसी सदस्य को स्वास्थ्य हानि हो, जिस पर आपका भी धन खर्च हो सकता है।

आपके लिए जनवरी का महीना अच्छा रहेगा, क्योंकि इस दौरान शुक्र का गोचर आपकी राशि के सप्तम भाव में होगा। इस समय आपके और जीवनसाथी के बीच प्यार बढ़ेगा। आप दोनों किसी यात्रा पर जाने का प्लान करते नजर आएँगे। इसके बाद जून माह में भी आप दोनों का रिश्ता बेहतर होगा। इस समय आप दोनों हर विवाद को साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास कर सकते हैं। आप साथी के साथ बातें साझा करते नजर आएँगे और ग्रहों की दृष्टि आप दोनों को नज़दीक लाने और आपके दांपत्य जीवन का विकास करने का कार्य करेगी। संतान पक्ष की बात करें तो संतान पक्ष को मिले-जुले परिणाम मिलेंगे। उन्हें अप्रैल और अगस्त में अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी।

ये भी पढ़ें: शादी में हो रही है देरी तो अपनाए ये उपाय

ये भी पढ़ें: मस्तक पर तिलक का दिन ओर रंग का असर`

The post मिथुन राशिफल 2021- Mithun Rashifal 2021 appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2-2021-mithun-rashifal-2021/feed/ 0