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*
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]]>पौराणिक कथा :
कथा के अनुसार एक बार तुलसी जी भ्रमण कर रहीं थी। भ्रमण करते-करते वो गंगा जी के तट के समीप पहुँची जहाँ भगवान गणेश तपस्या में लीन थे। उनके तेज को देख कर तुलसी बहुत प्रभावित हुई और उन्होंने गणेश जी से विवाह करने का मन बनाय और गणेश जी की तपस्या पूर्ण होने तक वहाँ इंतज़ार किया। जब गणेश जी की तपस्या पूर्ण हुई तो अपनी
इस इच्छा को तुलसी ने गणेश जी के सामने विनय पूर्वक रखा और कहा “हे देव! मैं उचित वर प्राप्ति की कामना लेकर बहुत काल से भटक रही हूँ। आज आपको देख कर लगा कि मेरी तपस्या पूर्ण हुई। आपका ये तेजस्वी रूप देख कर मैंने मन ही मन आपको अपना पति मान लिया है इसीलिए कृपा कर मुझे अपनी भार्या के रूप में स्वीकार करें।”
गणेश जी उस समय विवाह नहीं करना चाहते थे इस लिए तुलसी की इस इच्छा को सुन कर उन्हें समझ नहीं आया कि क्या उत्तर दें, इसी कारण गणेश जी ने बड़ी मधुरता से कहा “हे देवी! आप अद्वितीय सौंदर्य की धनी हैं और आप का सौंदर्य देखकर मैं भी अभिभूत हूँ। विश्व में कदाचित ही कोई ऐसा होगा जो आपके अपनी भार्या के रूप में स्वीकार ना करे। किन्तु आप कृपया मुझे क्षमा करें क्यूँकि मैं अभी विवाह नहीं कर सकता।“ इस वचन को सुन तुलसी जी ने कहा “हे देव! अगर आप अभी विवाह नहीं करना चाहते तो में आप की प्रतीक्षा करूँगी” तब गणेश जी ने विनम्रता से कहा “हे देवी! आप मेरी बात नहीं समझी। मैं ब्रह्मचारी हूँ इसलिए मैं विवाह नहीं कर सकता। अत: आप मुझे क्षमा करें और अपने योग्य कोई अन्य वर ढूँढ लें।“
यह सुन तुलसी को अति दुःख हुआ और वो दुखी मन से वहाँ से वापिस लौट गयी। थोड़ी दूर जाने के बाद तुलसी को नारद देव मिले, तुलसी से उन्हें प्रणाम किया। तुलसी को उदास देख कर देवर्षि नारद ने कहा – “हे देवी! आप उदास क्यों हैं?” इसपर तुलसी ने देवर्षि नारद को पूरी बात बतायी। बात सब देवर्षि नारद हसने लगे और कहा “हे देवी, आप भोली हैं और किन की बात में आ गयी? सत्य तो ये है कि वे ब्रह्मचारी नहीं हैं। उन्होंने आपसे ठिठोलि की हैं।“
देवर्षि नारद का यह कथन सुन तुलसी को बहुत क्रोध आया। वो गणेश जी के पास वापस लौटी और कहा “हे देव! मैं आप से सच्चे मन से विवाह करना चाहती थी किन्तु आप ने असत्य कहकर मेरा मज़ाक़ बनाया और मेरी निष्ठा का अपमान किया। मैं आप को श्राप देती हूँ की आप एक विवाह से बच रहें हैं, अब आप की इच्छा के विरूद्ध आप के दो विवाह होंगे।“ इस श्राप को पा कर गणेश जी भी क्रोधित हो गए और उन्होंने भी तुलसी को श्राप दे दिया कि उसका विवाह एक राक्षस के साथ होगा और उस का वध अल्प काल में महादेव भगवान शंकर के हाथों से होगा। यह सुन तुलसी को बहुत पछतावा हुआ और उस ने भगवान गणेश जी से क्षमा याचना की। तब गणेश जी ने कहा “हे देवी! मेरा श्राप विफल नहीं हो सकता किन्तु मैं आपको वरदान देता हूँ कि अगले जन्म में आप को नारायण की पत्नी बनने का सौभाग्य प्राप्त होगा और कलयुग में तुम्हें पूजा जाएगा एवं तुम मनुष्य के मोक्ष प्राप्ति में सहायक होगी। परन्तु मेरी पूजा में तुम्हारा प्रयोग वर्जित होगा।
भगवान गणेश और तुलसी को अपना-अपना श्राप भोगना पड़ा। गणेश जी का विवाह रिद्धि और सिद्धि से हुआ। तुलसी का विवाह शंखचूड(जलंधर) नामक राक्षक से हुआ जिसका वध महादेव के हाथों से हुआ। अगले जन्म में तुलसी अपनी राख से एक पौधे के रूप में उत्पन हुई और उन का विवाह नारायण के रूप शालिग्राम से हुआ।
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]]>मेष राशि : आज धन प्राप्ति का योग बना हुआ है | आज के दिन किसी भी प्रकार की नकारात्मकता अपने भीतर न आने दें। वहीं ऑफिस में भी नकारात्मक सोच आपकी प्रगति में बाधक बन सकती है इसलिए साकारात्मक रहना होगा | व्यापारी वर्ग अगर लोन लेने का विचार बना रहें हैं तो वर्तमान स्थिति को देखते हुए इससे बचना चाहिए आज चिकनाई युक्त भोजन का सेवन करने से परहेज करें |
शुभ अंक : 2
शुभ रंग : गुलाबी
वर्षभ राशि : आज के दिन आगे बढ़ने और जीवन का भरपूर आनंद उठाने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कार्य क्षेत्र की बात करें तो जो लोग प्रोमोशन के लिए प्रयासरत है, उनको मेहनत पर फोकस करना चाहिए | युवा वर्ग अपनी रचनात्मकता का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर सकेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से आज बीमारी न होते हुए भी बीमारी होने की शंका आपको काफी परेशान कर सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर अपनों से संवादहीनता न बनाएं बातचीत जारी रखने से आपसी मनमुटाव भी धीरे-धीरे मिट सकते हैं |
शुभ अंक :5
शुभ रंग : ग्रे
मिथुन राशि: आज के दिन आगे बढ़ने और जीवन का भरपूर आनंद उठाने का अवसर प्राप्त हो सकता है| लेकिन आज के दिन स्वभाव में सहजता बनाकर रखना अति आवश्यक है, क्योंकि कभी-कभी अधिक प्रैक्टिल होना भी संबंधों को खराब कर सकता है। ऑफिशियल कार्यों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है, चल रहे कार्यों को ही वरीयता दें। व्यापारी वर्ग डील पक्की करते समय उसकी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें अन्यथा भविष्य में आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सेहत की बात करें तो आज ओवर इटिंग से बचना चाहिए, अन्यथा पेट का दर्द आपको परेशान कर सकता है |
शुभ अंक : 6
शुभ रंग : गोल्डन
ये भी पढ़े : Ganesh Chaturthi 2020: घर में गणपति स्थापना, जानें शुभ मुहूर्त एवं पूजन विधि
कर्क राशि: आपके लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आप अपने प्रेम जीवन में काफी खुश रहेंगे और अपने प्रिय से अपने दिल की बात कहेंगे। शादीशुदा लोगों का गृहस्थ जीवन तनावपूर्ण रहेगा। जीवनसाथी किसी बात को लेकर गुस्सा हो सकता है। आपकी सेहत अच्छी रहेगी। उल्टा सीधा भोजन करने से बचें। काम के सिलसिले में दिनमान अच्छा है परिवार में एक दूसरे से नोक-झोंक हो सकती है लेकिन यही नोक-झोंक बाद में आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत भी करेगी।
शुभ अंक : 7
शुभ रंग : आसमानी
सिंह राशि : आपके लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आप अपने परिवार पर ध्यान देंगे। जरूरी कामों में सहयोग करेंगे। सेहत अच्छी रहेगी। शादीशुदा जीवन में प्रेम और रोमांस बढ़ेगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोगों के लिए भी दिन अच्छा है। आपका प्रिय आपको दिल से प्यार करेगा और आपको यह सब महसूस करना बड़ा अच्छा लगेगा। काम के सिलसिले में आपका दिन मजबूत है। आपके प्रमोशन की बात चल सकती है |
शुभ अंक : 1
शुभ रंग : हरा
कन्या राशि : आपके लिए आज का दिन मध्यम फलदायक रहेगा। धन की आवक होगी। खर्चे भी रहेंगे लेकिन चिंता नहीं होगी। मन से मजबूत होंगे। काम के सिलसिले में बेहद अच्छे नतीजे मिलेंगे। आपको प्रमोशन मिल सकता है। शादीशुदा लोगों का गृहस्थ जीवन अच्छा रहेगा। आप अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।
शुभ अंक : 4
शुभ रंग : नीला
तुला राशि : आज के दिन जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें, वहीं दूसरी ओर यदि धन पर्याप्त मात्रा में हो तो बीमा पॉलिसी में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। ऑफिस में मिटिंग का दौर चलेगा जिसमें अपनी बातों को मुखरता से कहने का अवसर भी मिलेगा। थोक का व्यापार करने वालों की आय में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, साथ ही व्यापार के सिलसिले में यात्रा भी करनी पड़ सकती है। सेहत में जिन लोगों को अक्सर कमर दर्द रहता है, उन्हें आज इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखें, कार्य को पूर्ण करने में उनकी सलाह काम आएगी |
शुभ अंक : 3
शुभ रंग : नारंगी
वृश्चिक राशि : आज के दिन क्रोध जीवन में बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है, इसलिए छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना ठीक नहीं है. घर और ऑफिस सभी जगह प्रेम और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना कर रखना सही रहेगा। व्यापारियों को परिश्रम के मुताबिक फल न मिल रहा हो, तो वर्तमान समय में धैर्य का परिचय दें, चिंतित न हों, भविष्य में स्थितियां सुखद हो जाएंगी। विद्यार्थियों को पिछले दिनों बनाई गई विषय सुची से पढ़ना ज्यादा बेहतर रहेगा। हेल्थ में मौसम का बदलाव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, इसलिए सर्द गर्म की स्थिति से बचें। घर की सुख-सुविधाओं से संबंधित कार्यों में दिन व्यतीत होगा |
शुभ अंक : 8
शुभ रंग : गोल्डन
धनु राशि : भाग्य वृद्धि भी जल्दी हो सकती है. ऑफिशियल कामों को तेजी से करने का अभ्यास करना फायदेमंद साबित होगा। हैण्डलूम से संबंधित कारोबार करने वालों को छोटे-मोटे मुनाफे हाथ लग सकते हैं। युवाओं का सारा समय सोशल मिडिया में जा सकता है, अनावश्यक रूप से इसका प्रयोग करने से बचें। सेहत में जिन लोगों को डायबटीज की प्रॉब्लम है उनको अपने खान-पान में सतर्कता बरतनी चाहिए। घर से संबंधित अधिक खर्चों पर अंकुश लगाना चाहिए, साथ ही गैर नियोजित खर्चों को स्थगित करने में ही भलाई है |
शुभ अंक : 6
शुभ रंग : आसमानी
मकर राशि : आज के दिन बीती बातों को लेकर थोड़े परेशान हो सकते हैं, लेकिन दिन के अंत तक स्थितियां सामान्य हो सकती है। नौकरी पेशे से जुड़े लोगों को जन्म स्थान से अन्य जगह स्थानांतरण की संभावनाएं बन रही है। लोहें का कारोबार करने वालों को अधिक माल डंप नहीं करना चाहिए, अन्यथा माल फंस सकता है। विद्यार्थी वर्ग कठिन विषयों को बदलने की सोच रहें है तो एक बार और विचार अवश्य कर लें। स्वास्थ्य की दृष्टि से देखे तो आज भी महिलाओं को कार्य करते समय सावधानी रखनी होगी, क्योंकि ग्रहीय स्थिति चोट लगाने वाली बनी हुई है। घरेलू मामलों में पिता से सलाह मशवरा अवश्य करना चाहिए |
शुभ अंक : 2
शुभ रंग : बेगनी
कुम्भ राशि : आज के दिन अगर काम बनते-बनते बिगड़ रहें हों तो परेशान न हो, सही समय के आते ही स्थितियां ठीक होती नजर आएगी। कर्मक्षेत्र में चल रहे प्रयास सफलता की ओर ले जाएंगे, वहीं जीवनसाथी यदि जॉब करने की इच्छुक है तो उन्हें इस ओर सफलता मिलने की संभावना दिखाई दे रही है। व्यापारियों को कानूनी पचड़ो से दूर रहना सही रहेगा अन्यथा उन्हें बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। हेल्थ की बात करें तो जिनको उच्च रक्तचाप की समस्या है उनको तनाव लेने से बचना होगा, अन्यथा रक्तचाप बढ़ सकता है। परिवार में धार्मिक कार्यक्रम की संभावनाएं बढ़ रही हैं |
शुभ अंक : 9
शुभ रंग : पीला
मीन राशि : आज के दिन मान प्रतिष्ठा बनाएं रखने के लिए समाजिक कार्यों में सहयोग देना होगा। कार्य समय पर पूरा करें, वहीं उच्चधिकारियों से किसी बात को लेकर विवाद होने की आशंका बनी हुई है। व्यापारी वर्ग नई डील के लिए यदि योजना बना रहे हैं तो वर्तमान समय में रुक जाना ही उत्तम रहेगा। युवा वर्ग गलत आदतों व संगति से दूर रहें, प्रतियोगिता में यदि हिस्सा लेने का विचार है तो किसी जानकार व्यक्ति से मार्गदर्शन लेना चाहिए। हेल्थ में कार्य का अधिक बोझ होने के कारण मानसिक तनाव रहेगा इसलिए योग व मेडिटेशन का सहारा ले। पुराने मित्रों के साथ भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे
शुभ अंक : 5
शुभ रंग : नीला
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]]>निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा ||
अर्थ – घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली।
मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करने की कृपा करें॥
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पूरे देश में गणेश चतुर्थी पर्व मनाया जाता हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन ही हुआ था , इसलिए इस दिन गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाता हैं। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 22 अगस्त 2020 , शनिवार को है। इस दिन लोग बप्पा का घर में स्वागत करते हैं और गणेश प्रतिमा की स्थापना कर के अगले ११ दिनो तक अपने सामर्थ के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
आम तौर पर 7 से 10 दिन के लिए भगवान गणेश जी की स्थापना करने की मान्यता है परंतु आज कल की अति व्यस्त दिनचर्या में यह बहुत मुश्किल है क्यूँकि गणपति जी की विधि-विधान से स्थापना नहीं करने पर विराजमान नहीं होते हैं और न ही उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, इसलिए लोंग अपने सामर्थ के अनुसार 1.5 , 3, 5, 7, 10 दिन के लिए गणपति जी को अपने घर और दुकान में विराजमान करते हैं और विधि-विधान से पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आइये अब हम आप को बताते हैं की कैसे आप भी अपने घर में पूरे विधि-विधान से गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
गणपति स्थापना और पूजा मुहूर्त
ऐसा माना जाता है की भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिए उपयुक्त माना जाता है।
मध्याहन गणेश पूजा मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 07 मिनट से 01 बजकर 41 मिनट दोपहर तक (अभिजित मुहूर्त : 11:58 AM से 12:41PM )
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय – सुबह 9 बजकर 07 मिनट से रात 09 बजकर 26 मिनट तक
चतुर्थी तिथि आरम्भ – 21 अगस्त शुक्रवार 11 बजकर 02 मिनट पर
चतुर्थी तिथि समाप्त – 22 अगस्त शनिवार – शाम 07 बजकर 57 मिनट तक
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गणेश पूजन / गणपति पूजन सामग्री
आवश्यक सामग्री : शुद्ध जल, गंगाजल, सिन्दूर, रोली, मौली , कपूर, घी, दही, शहद, दूर्वा , चीनी, पुष्प, पान, सुपारी, रूई, प्रसाद (मोदक / लड्डू गणेश जी को बहुत प्रिय है), पंचामृत, वस्त्र, जनेऊ, सुगंध( इत्र ), लाल चन्दन, अक्षत(चावल), पुष्प माला, सुगन्धित तेल, धूपबत्ती, दीपक इत्यादि |
गणेश / गणपति पूजन विधि
गणेश चतुर्थी के दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत होकर गणेश पूजन की तैयारी करनी चाहिए | गणेश पूजन से पहले ध्यान रहे की गणेश जी की मूर्ति विराजमान या स्थापित करे | मूर्ति सोने, तांबे, चाँदी, मिट्टी या गाय के गोबर (अपने सामर्थ्य अनुसार) से बनाई जाती है | गणेश मूर्ति व गणपति पूजन सामग्री पूजा की थाली में रख कर पूजा विधि शुरू करे |
क्षमा-प्रार्थना मन्त्र
पूजा एवं आरती के बाद परिक्रमा करें और क्षमा मांगें कि पूजा में कोई भी कमी या भूल हुई तो उसके लिए माफ करें।
गणेशपूजने कर्म यत् न्यूनमधिकम कृतम।
तेन सर्वेण सर्वात्मा प्रसन्न अस्तु गणपति सदा मम।।
इस प्रकार आप अपने घर पर गणपति जी की विधि विधान से स्थापना करें ।
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गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि
तन्नो दन्ति प्रचोदयात ||
यह भगवान श्री गणेश का गायत्री मंत्र है इसमें कहा गया है कि हम उस परमात्मा स्वरुप एकदंत यानि एक दांत वाले भगवान श्री गणेश, जो कि सर्वव्यापी हैं, जिनकी सूंड हाथी के सूंड की तरह मुड़ी हुई है उनसे प्रार्थना करते हैं एवं सद्बुद्धि की कामना करते हैं। हम भगवान श्री गणेश को नमन करते हैं एवं प्रार्थना करते हैं कि वे अपने आशीर्वाद से हमारे मन-मस्तिष्क से अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान से प्रकाशित करें।
जरूरी बात:
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