if ( ! function_exists( 'jnews_get_views' ) ) { /** * Gets views count. * * @param int $id The Post ID. * @param string|array $range Either an string (eg. 'last7days') or -since 5.3- an array (eg. ['range' => 'custom', 'time_unit' => 'day', 'time_quantity' => 7]) * @param bool $number_format Whether to format the number (eg. 9,999) or not (eg. 9999) * @return string */ function jnews_get_views( $id = null, $range = null, $number_format = true ) { $attr = array( 'id' => $id, 'range' => $range, 'number_format' => $number_format, ); $query_hash = 'query_hash_' . md5( serialize( $attr ) ); $views = wp_cache_get( $query_hash, 'jnews-view-counter' ); if ( false === $views ) { $views = JNews_View_Counter()->counter->get_views( $id, $range, $number_format ); wp_cache_set( $query_hash, $views, 'jnews-view-counter' ); } return $views; } } if ( ! function_exists( 'jnews_view_counter_query' ) ) { /** * Do Query * * @param $instance * @return array */ function jnews_view_counter_query( $instance ) { $query_hash = 'query_hash_' . md5( serialize( $instance ) ); $query = wp_cache_get( $query_hash, 'jnews-view-counter' ); if ( false === $query ) { $query = JNews_View_Counter()->counter->query( $instance ); wp_cache_set( $query_hash, $query, 'jnews-view-counter' ); } return $query; } } mahashivratri 2022 Archives - हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव https://astrodeeva.com/tag/mahashivratri-2022/ Daily Dose of Astrology Tue, 01 Mar 2022 05:44:20 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://astrodeeva.com/wp-content/uploads/2022/03/cropped-Logo-32x32.png mahashivratri 2022 Archives - हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव https://astrodeeva.com/tag/mahashivratri-2022/ 32 32 महाशिवरात्रि 2022 : धन-दौलत, संपत्ति में बढ़ोतरी के लिए आज करें ये ज्योतिषीय उपाय… https://astrodeeva.com/mahashivratri-2022-do-these-astrological-remedies-today-to-increase-wealth-and-wealth/ https://astrodeeva.com/mahashivratri-2022-do-these-astrological-remedies-today-to-increase-wealth-and-wealth/#respond Tue, 01 Mar 2022 05:44:20 +0000 https://astrodeeva.com/?p=2932 आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। हिंदुओं के लिए ये दिन बेहद ही खास होता है। इस दिन भक्त विशेष पूजा पाठ कर भगवान शिव की अराधना करते हैं। मान्यता है कि शिव की भक्ति की शक्ति से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यदि आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर है या लाख प्रयत्न के बाद […]

The post महाशिवरात्रि 2022 : धन-दौलत, संपत्ति में बढ़ोतरी के लिए आज करें ये ज्योतिषीय उपाय… appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। हिंदुओं के लिए ये दिन बेहद ही खास होता है। इस दिन भक्त विशेष पूजा पाठ कर भगवान शिव की अराधना करते हैं। मान्यता है कि शिव की भक्ति की शक्ति से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यदि आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर है या लाख प्रयत्न के बाद भी तरक्की नहीं मिल पा रही है तो आज महाशिवरात्रि पर आप बताए गए ज्योतिषीय उपाय करके इन बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं।

मनोकामना पूर्ण करने के उपाय:  महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को उनकी प्रिय वस्तुएं जरूर अर्पित करें। भांग, धूतरा, बेलपत्र, इत्र और भस्म भोलेनाथ को काफी प्रिय है इसलिए शिवरात्रि पूजा में इन चीजों का इस्तेमाल जरूर करें। पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। चांदी के लोटे द्वारा जलधारा से भगवान शिव का अभिषेक करें और नम: शिवाय कहते जाएं। “ॐ पार्वतीपतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।

महाशिवरात्रि के दिन बन रहा है विशेष योग, इस तरह पूजा करने से मिलता है कई गुना ज्यादा फल

आर्थिक पक्ष मजबूत करने के उपाय: मान्यता है कि शिव का दही से रुद्राभिषेक करने से संपत्ति में बढ़ोतरी होती है। गन्ने के रस से अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। धन प्राप्ति के लिए शिवलिंग का शहद और घी से अभिषेक भी अच्छा माना जाता है। रुके हुए धन की प्राप्ति के लिए महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के वाहन नंदी यानी बैल को हरा चारा खिलाएं। महामृत्युंजय मंत्र का शाम के समय 108 बार जप करें।

सौभाग्य के लिए करें ये काम: दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिए महाशिवरात्रि पर जरूरतमंदों की मदद करें। ऐसा करने से जीवन में सभी प्रकार की समस्याओं का अंत होगा। अगर कुंडली में ग्रहों की स्थिति कमजोर है तो महाशिवरात्रि के दिन आप शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक करें और ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करें। ऐसा करने से कुंडली में अशुभ ग्रह शुभ फल देने लगेंगे।

नौकरी और व्यापार में तरक्की के उपाय: अगर नौकरी या व्यापार में परेशानी चल रही है तो महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखें और शिवलिंग पर जल में शहद मिलाकर अभिषेक करें। साथ ही अनार का फूल चढ़ाएं।

Also Read:

भोलेनाथ के 7 चमत्कारिक मंदिर, जहां दर्शन मात्र से होती है भक्तों की मुरादें पूरी

स्कंद पुराण के अनुसार यहाँ है भगवान शिव की आरामगाह

 

The post महाशिवरात्रि 2022 : धन-दौलत, संपत्ति में बढ़ोतरी के लिए आज करें ये ज्योतिषीय उपाय… appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/mahashivratri-2022-do-these-astrological-remedies-today-to-increase-wealth-and-wealth/feed/ 0
Jyotirlinga : द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा, स्तोत्रम्  और स्थान https://astrodeeva.com/jyotirlinga-twelfth-jyotirlinga-story-stotram-and-place/ https://astrodeeva.com/jyotirlinga-twelfth-jyotirlinga-story-stotram-and-place/#comments Mon, 28 Feb 2022 13:54:45 +0000 https://astrodeeva.com/?p=2926 हिन्दू धर्म के अनुसार सारी सृष्टि त्रिदेव यानी ब्रह्मा,विष्णु और महेश से ही है। भगवान् ब्रह्मा अगर सृष्टि के रचयिता हैं तो भगवान विष्णु समस्त संसार के पालनकर्ता हैं और महेश यानि भगवान शिव को संहारक के रूप में देखा जाता हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव अजन्मे है, अनंत है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, […]

The post Jyotirlinga : द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा, स्तोत्रम्  और स्थान appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
हिन्दू धर्म के अनुसार सारी सृष्टि त्रिदेव यानी ब्रह्मा,विष्णु और महेश से ही है। भगवान् ब्रह्मा अगर सृष्टि के रचयिता हैं तो भगवान विष्णु समस्त संसार के पालनकर्ता हैं और महेश यानि भगवान शिव को संहारक के रूप में देखा जाता हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव अजन्मे है, अनंत है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महादेव शिवशंकर जहाँ-जहाँ स्वयं प्रगट हुए उन बारह स्थानों पर स्थित शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंगों(Jyotirlinga) के रूप में पूजा जाता है। भारत में कुल 64 ज्योतिर्लिंग है जो भारत के विभिन्न स्थलों पर स्थित है। इन ज्योतिर्लिंगों में से 12 को ही मुख्य ज्योतिर्लिंग में शामिल किया गया है। ये 12 ज्योतिर्लिंग, हिन्दू आस्था के बड़े केन्द्र हैं, जो समूचे भारत में फैले हुए हैं। जहाँ भारत के उत्तर में केदारनाथ (उत्तराखंड) है, तो दक्षिण में रामेश्वरम (तमिलनाडु) है। ऐसे ही पूर्व में वैद्यनाथ (झारखंड) है, तो पश्चिम में नागेश्वर (गुजरात) ज्योतिर्लिंग है। पुराणो के अनुसार कहा जाता है कि 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से भक्तों के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। उनके जन्म-जन्मांतर के सारे पाप मिट जाते हैं और भक्त शिवजी के कृपा पात्र बन जाते हैं। हिन्दू धर्म के पवित्र स्थलों में 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्वपूर्ण स्थान है।

ज्योतिर्लिंग पौराणिक कथा  ( Legend of Jyotirlinga)

“ज्योतिर्लिंग” की पौराणिक कथा का उल्लेख शिव पुराण में मिलता है। एक बार त्रिदेव के बीच में बहस हुई थी कि कौन सर्वोच्च है, तब भगवान शिव ने प्रकाश के एक विशाल स्तंभ का निर्माण किया था और भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को दोनों दिशाओं में प्रकाश का अंत खोजने के लिए कहा था। जिस पर, भगवान ब्रह्मा ने झूठ बोला कि उन्हें अंत मिल गया, लेकिन भगवान विष्णु ने हार मान ली। भगवान शिव ने भगवान ब्रह्मा को शाप दिया कि भले ही वह ब्रह्माण्ड के निर्माता हैं, लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाएगी। और माना जाता है कि ज्योतिर्लिंग भगवान शिव द्वारा निर्मित प्रकाश के उस अनंत स्तंभ से प्रकट हुए।

द्वादश ज्योतिर्लिं स्तोत्रम् और उनके स्थान – Dwadasa Jyotirlinga Stotram

शिव पुराण की कोटि ‘रुद्रसंहिता’ में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के सम्बन्ध निम्नलिखित श्लोक दिया गया है-

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। उज्जयिन्यां महाकालमोङ्कारममलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्। सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे। हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः। सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥
एतेशां दर्शनादेव पातकं नैव तिष्ठति। कर्मक्षयो भवेत्तस्य यस्य तुष्टो महेश्वराः॥:

जो भी भक्त प्रतिदिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर इस द्वादश ज्योतिर्लिंगों श्लोक  का पाठ करता है, अर्थात् उपर्युक्त श्लोक को पढ़ता हुआ, शिवलिंगों (Jyotirlinga) का ध्यान करता है, उसके सात जन्मों तक के पाप नष्ट हो जाते हैं और वो जिस कामना की पूर्ति के लिए नित्य इन नामों का पाठ करता है, शीघ्र ही उसे उस फल की प्राप्ति हो जाती है।

द्वादश ज्योतिर्लिं स्थान – Dwadasa Jyotirlinga Place

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग – गिर, गुजरात
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग – श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – उज्जैन, मध्यप्रदेश
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग- ओंकारेश्वर, मध्यप्रदेश
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग – रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग – भीमाशंकर, महाराष्ट्र
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग – वाराणसी, उत्तर प्रदेश
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग – नासिक, महाराष्ट्र
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग – देवघर, झारखंड
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग – द्वारका, गुजरात
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग – रामेश्वरम, तमिलनाडु
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग – औरंगाबाद, महाराष्ट्र

 

The post Jyotirlinga : द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा, स्तोत्रम्  और स्थान appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/jyotirlinga-twelfth-jyotirlinga-story-stotram-and-place/feed/ 5
Mahashivratri 2022: महाशिवरात्रि के दिन बन रहा है विशेष योग, इस तरह पूजा करने से मिलता है कई गुना ज्यादा फल https://astrodeeva.com/mahashivratri-2022-special-yoga-is-being-made-on-the-day-of-mahashivratri-worshiping-in-this-way-gives-many-times-more-fruit/ https://astrodeeva.com/mahashivratri-2022-special-yoga-is-being-made-on-the-day-of-mahashivratri-worshiping-in-this-way-gives-many-times-more-fruit/#comments Sun, 27 Feb 2022 19:48:38 +0000 https://astrodeeva.com/?p=2923 Mahashivratri 2022: देशभर में भगवान शिव की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वर्ष में एक बार आने वाली महाशिवरात्रि का इंतजार शिवभक्तों को पूरे वर्ष रहता है। इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और इस दिन शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा नजर आता है। […]

The post Mahashivratri 2022: महाशिवरात्रि के दिन बन रहा है विशेष योग, इस तरह पूजा करने से मिलता है कई गुना ज्यादा फल appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
Mahashivratri 2022: देशभर में भगवान शिव की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वर्ष में एक बार आने वाली महाशिवरात्रि का इंतजार शिवभक्तों को पूरे वर्ष रहता है। इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और इस दिन शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा नजर आता है। शिवभक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उपवास समेत कई उपाय करते हैं। ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि की पूजा अगर शुभ मुहूर्त में की जाए तो कई गुना फल प्राप्त होता है। इस बार महाशिवरात्रि के दिन विशेष योग भी बन रहा है और इस योग में पूजा करने से फल में वृद्धि होती है।

ज्योतिष के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व यानि 28 फरवरी को सोम प्रदोष व्रत रहेगा। 1 मार्च को महाशिवरात्रि और 2 मार्च को अमावस्या का विशेष पूजन अनुष्ठान संपन्न होगा। इस बार महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग के साथ ही केदार योग का महासंयोग निर्मित हो रहा है। इस महासंयोग में की गई महादेव की आराधना पुण्यफलदायी और सर्वमनोरथ को पूर्ण करने वाली होगी।

पंच ग्रहों के योग का महासंयोग

सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाला इस बार महाशिवरात्रि पर पंच ग्रहों के योग का महासंयोग और दो महाशुभ योग बन रहे हैं, मंगलवार को मकर राशि में शुक्र, मंगल, बुध, चंद्र, शनि के संयोग के साथ ही केदार योग भी बनेगा, जो पूजा उपासना के लिए विशेष कल्याणकारी है।

ये भी पढ़ें : भोलेनाथ के 7 चमत्कारिक मंदिर, जहां दर्शन मात्र से होती है भक्तों की मुरादें पूरी

महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त 2022 (Mahashivratri 2022 )

दिनांक : 01 मार्च 2022
वार : मंगलवार
निशीथ काल पूजा मुहूर्त: रात्रि 12:08 ए एम से 12:08 ए एम तक
महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त : 02 मार्च 2022 को सुबह 06 बजकर 45 मिनट

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ – 01 मार्च 2022 को 03:16 ए एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त – 02 मार्च 2022 को 01:00 ए एम बजे

कैसे करें महाशिवरात्रि की पूजा :- महाशिवरात्रि के दिन प्रातः स्नान आदि करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा आरंभ करें अगर उपवास ले रहे हैं तो नियमों का पूरी कठोरता के साथ पालन करें तभी फल की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही महाशिवरात्रि के व्रत का पारण भी विधि पूर्वक करना चाहिए। सूर्योदय और चतुर्दशी तिथि के अस्त होने के मध्य समय में ही व्रत का पारण कर लेना चाहिए।

हर प्रहर में होती है पूजा :- वैसे तो अधिकतर लोग महाशिवरात्रि की पूजा प्रातः करते हैं। लेकिन इस दिन चार बार भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि भोलेनाथ की पूजा अगर संभव हो तो रात के समय एक बार या फिर चार बार जरूर करनी चाहिए। इस दिन हर प्रहर में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है।

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 06:21 पी एम से 09:27 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:27 पी एम से 12:33 ए एम, मार्च 02
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:33 ए एम से 03:39 ए एम, मार्च 02
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:39 ए एम से 06:45 ए एम, मार्च 02

Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Astrodeeva Portal किसी भी अंधविश्वास और इन तथ्यों की किसी प्रकार से कोई पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों पर अमल करने से पहले संबंधित ज्योतिषी, आचार्य तथा विशेषज्ञ से संपर्क करें। 

Also Read :स्कंद पुराण के अनुसार यहाँ है भगवान शिव की आरामगाह

 

The post Mahashivratri 2022: महाशिवरात्रि के दिन बन रहा है विशेष योग, इस तरह पूजा करने से मिलता है कई गुना ज्यादा फल appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.

]]>
https://astrodeeva.com/mahashivratri-2022-special-yoga-is-being-made-on-the-day-of-mahashivratri-worshiping-in-this-way-gives-many-times-more-fruit/feed/ 1