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आदिशक्ति माँ दुर्गा के महागौरी रूप की पूजा आठवें नवरात्र में की जाती है। माँ ने काली रूप में आने के पश्चात घोर तपस्या की और पुन: गौरवर्ण पाया और महागौरी कहलाई। माँ का वाहन बैल है और माँ को हलवे का भोग लगाया जाता है।

आज 24 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल 

मेष राशि 

इस राशि के जातकों का कार्यक्षेत्र मे प्रदर्शन अच्छा रहेगा और आने वाले समय में ये आपको फायदा देगा |पार्टनर के साथ समय अच्छा बीतेगा |जिनकी शादी नहीं हुई है उनको उपयुक्त जीवनसाथी मिलेगा |आपका ध्यान अध्यात्म की और बढ़ेगा जिससे आपको  मानसिक शांति का अनुभव प्राप्त होगा |छात्रों के लिए उपयुक्त समय है अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का |

वृषभ राशि 

आपके खर्चों  मे व्यय अधिक बढ़ेगा | पारिवारिक माहौल बेहतर रहेगा व्यपारिक यात्राओ से लाभ होगा | इस समय आप कोइ  नए व्यवसाय की शुरुआत  कर सकते है |दाम्पत्य जीवन सुखमय बीतेगा | परिवर्तन के योग बन रहे है जो भी निर्णय ले सोच समझ कर ले |जल्दबाजी मै कोई निर्णय न ले |

मिथुन राशी 

आर्थिक लाभ ,व्यापारिक लाभ इस दौरान आपको सभी  कार्यों मै सफलता मिलेगी | पारिवारिक कार्यों मे सफलता मिलेगी इस दौरान आप बचत को लेकर काफी प्रेरित रहेंगे लेकिन आर्थिक तौर पे आप को कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है | आप इस समय काफी रोमांटिक मूड मे रहेंगे |अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे |पारिवारिक सहयोग भी मिलेगा |प्रेम संबंध और दाम्पत्य जीवन बेहतर रहेगा |

कर्क राशि 

आप का कार्यक्षेत्र में स्थानतरण  होने की पूरी संभावना है |आपको अपने कार्य क्षेत्र मे अधिक परिश्रम करना पढ़ेगा |आर्थिक लाभ की संभावना है लेकिन अधिक परिश्रम के बाद | पारिवारिक माहौल सौहार्द पूर्ण रहेगा |दाम्पत्य जीवन मे प्रेम बना रहेगा |

सिंह राशि 

आपके जीवन में तरक्की के नए आयाम बनेगे आपको आर्थिक लाभ मिलेगे |आपका व्यवहार दूसरों का मन जीत लेगा |वाणी की मधुरता से आप पराए लोगों को भी अपना बनाने का हुनर जानते है |कार्य स्थल पर आपको उपलब्धि प्राप्त होंगी |लेकिन जीवनसाथी और माँ के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता सताएंगी |

कन्या राशि 

सफलता और आर्थिक लाभ का योग बन रहा है |आपको अपने पार्टनर से भी लाभ मिलेगा और जिन जातकों की शादी की बात चल रही है वो भी तय होने की संभावना है |आप परिवार के साथ कही घूमने का प्रोग्राम बना सकते है |आपको कार्य मै सफलता मिलेगी और मान सम्मान की भी प्राप्ति होगी 

तुला राशि 

कार्य क्षेत्र मे स्थानतरण होने या बदलाव के योग बन रहे है |कोई भी निर्णय सोच समझ कर ले |आपको आर्थिक लाभ प्राप्त होगा |छात्रों के लिए ये समय बहुत बेहतर साबित होगा |जो लोग अविवाहित है वो विवाह मे बंधेगे |काफी रोमांटिक मूड रहेगा इन दिनों |कही घूमने जा सकते है |परिवरिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी |मित्रों से मेल जोल बढ़ेगा |

 वृश्चिक राशि  

थोड़े समय के लिए तो कुछ चीजे आपको सुख दे सकती है लेकिन ये सब कुछ समय के लिए गलत काम थोड़े दिन के लिए तो सुख दे सकते है लेकिन ज्यादा समय इन सब चीजों से उम्मीद न करे आप इस समय मै बच्चों के भविष्य के लिए भी चिंतित हो सकते है और उनके साथ कोई वेचरिक मतभेद भी हो सकता है |शत्रु भी आप पर इस समय हावी होगा |

धनु राशि 

आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और दाम्पत्य जीवन मे भी खुशहाली बनी रहेगी |आपके मित्रों का भी विस्तार होगा लेकिन ज्यादा काम करने के चक्कर मे अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरते |आपके व्यपार और नॉकरी मे तरक्की के योग है |आपको मानसिक सुख और शारीरिक सुख दोनों प्राप्त होंगे |आर्थिक लाभ मिलने के योग है |

मकर राशि 

आज आपको कई प्रकार के लाभ मिलेंगे जेसे माता का सुख ,धन लाभ ,विदेश से कोई शुभ समाचार इस दौरान आप यात्रा न करे और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे | आप बचत के उपर काफी ध्यान देंगे |मित्रों और परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा |व्यपार के कुछ  नए प्रस्ताव मिलेंगे |दाम्पत्य जीवन सुखमय बना रहेगा |

मीन राशि 

दाम्पत्य जीवन परेशानी मै बढ़ सकती  है |दाम्पत्य जीवन मे  काफी उत्तार चढ़ाव देखने को मिलेगा |इस समय जीवन साथी के साथ वाद –विवाद मे न पढे| जीवन साथी के स्वास्थ्य की चिंता सताएगी |आर्थिक नुकसान भी उठाना पढ़ सकता है सतर्क रहे |

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Horoscope 22 October 2020 : छठा नवरात्र , जाने अपने ग्रहों की चाल https://astrodeeva.com/horoscope-22-october-2020-%e0%a4%9b%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87/ https://astrodeeva.com/horoscope-22-october-2020-%e0%a4%9b%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87/#respond Thu, 22 Oct 2020 07:42:12 +0000 https://astrodeeva.com/?p=984 महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति माँ दुर्गा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया और उनका कात्यायनी नाम पड़ा। छठे नवरात्र में माँ के इसी रूप की पूजा की जाती है। माँ की कृपा से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष आदि चारों फलों की जहां प्राप्ति होती है। वहीं वह आलौकिक तेज से अलंकृत होकर हर प्रकार के भय, शोक एवं संतापों से मुक्त होकर खुशहाल जीवन व्यतीत करता है। और माँ को शहद अति प्रिय है। आज 22 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल  मेष राशि  इस राशि के जातकों का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा |  पारिवारिक जीवन सुखी रहेगा | अपने अहम को नियंत्रण मे रखे नहीं तो वाद विवाद की संभावना हो सकती है | व्यापारियों को लाभ मिलेगा, छात्रों को प्रगति के अवसर प्राप्त होंगे | कही बाहर घूमने […]

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महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति माँ दुर्गा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया और उनका कात्यायनी नाम पड़ा। छठे नवरात्र में माँ के इसी रूप की पूजा की जाती है। माँ की कृपा से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष आदि चारों फलों की जहां प्राप्ति होती है। वहीं वह आलौकिक तेज से अलंकृत होकर हर प्रकार के भय, शोक एवं संतापों से मुक्त होकर खुशहाल जीवन व्यतीत करता है। और माँ को शहद अति प्रिय है।

आज 22 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल 

मेष राशि 

इस राशि के जातकों का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा |  पारिवारिक जीवन सुखी रहेगा | अपने अहम को नियंत्रण मे रखे नहीं तो वाद विवाद की संभावना हो सकती है | व्यापारियों को लाभ मिलेगा, छात्रों को प्रगति के अवसर प्राप्त होंगे | कही बाहर घूमने जा सकते है |

वृषभ राशि 

आज आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा | आपका मन भी प्रफुलित रहेगा जिसके कारण आज आपके सारे कार्य योजनवध तरीके से पूर्ण होंगे| आपको कही से कोई शुभ समाचार मिल सकता है  |

मिथुन राशि 

आज स्वास्थ्य कुछ नरम गरम रहेगा जिसके कारण मन मे अलग अलग विचार आएंगे |आज कोई भी नया कार्य शुरू न करें | आज अगर आप माता –पिता है  तो बच्चों की चिंता रहेगी | जहा तक संभव हो वाद विवाद टाल दे नहीं तो आर्थिक तंगी के साथ साथ मान हानी भी हो सकती है  |

कर्क राशि 

आज जहां  तक हो सके ध्यान करे नहीं तो शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से आप परेशान हो सकते है |आपको आँख या पेट से संभन्दित कोई परेशानी हो सकती है | मानहानी और धनहानी दोनों ही आज आपके लिए कष्टकर है | जहां  तक हो सके वाद विवाद टाल दे |

सिंह राशि 

आज का लिए दिन अच्छा रहेगा, नए कार्य का प्रारंभ हो सकता है | आर्थिक लाभ होगा परिवारजनों के साथ साथ सोहार्द बना रहेगा | पर्यटन के लिए कही बहार जा सकते है | मन मे प्रसंता बनी रहेगी | शारीरक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा |

कन्या राशि 

आज का दिन शुभ रहेगा | आज वाणी की मधुरता बनी रहेगी पारिवारिक वातावरण खुशनुमा  बना  रहेगा  आर्थिक कार्य से लाभ होगा |  फिर भी आपको ध्यान रखना है  की आप अपनी वाणी को नियंत्रण मे रखे नहीं तो वाद विवाद हो सकता है  |

तुला राशि 

आज आपके सारे कार्यों मे आत्मविश्वास छलकता रहेगा जो भी कार्य आप आज हाथ मे लेंगे हो सकता है वो पूर्ण हो जाए पर इस बात की कोई गारंटी नहीं है | आज आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा | आपका मन भी प्रफुलित रहेगा जिसके कारण आज आपके सारे कार्य योजनवध तरीके से पूर्ण होंगे आपको कही से कोई शुभ समाचार मिल सकता है  

वृश्चिक राशि  

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अस्वस्थ रहेगा दुर्घटना से बचे | मन के अंदर चिंता की भावना रहेगी | व्यय अधिक होगा | वाद विवाद से बचे और कोर्ट कचहरी से दूर रहे नहीं तो मुसीबत मे पड़ सकते है  |

धनु राशि 

आज का दिन समान्य ही रहेगा मन बेवजह की बातों से परेशान रहेंगे और अपने आस पास का माहौल खराव कर देंगे जिससे आप और आप के पार्टनर के बीच बहस का कारण बन सकती है  खर्चों पे नियंत्रण रखे |

मकर राशि 

आप के लिए आज का दिन विशेष फलदाई रहेने वाला है | आप घर परिवार और काम मे अच्छा बेलेन्स बना कर रखते है |दुश्मन परास्त होंगे ग्रस्थ जीवन मे प्रेम बना रहेगा |

कुम्भ राशि 

आज का दिन मिला – जुला  रहेगा | पार्टनर गलतफहमी का शिकार हो सकते है | इसलिए बेठकर बात को सुलझाए |  कही जाने की सोच रहे है | तो सही समय हे ग्रहस्थ जीवन मे दिक्कत या सकती है |

मीन राशि 

आज का दिन बहुत बड़िया रहेगा आर्थिक लाभ व्यपार मे लाभ परिवार का सयोग मिलेगा आपके आधिकारिक वर्ग आपके काम से प्रसन्न रहेगा जिससे आपके रिश्ते मजबूत होंगे पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा |

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Horoscope 21 October 2020 | आज पंचम नवरात्र, जाने कैसा रहेगा दिन https://astrodeeva.com/horoscope-21-october-2020-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%ae-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95/ https://astrodeeva.com/horoscope-21-october-2020-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%ae-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95/#respond Wed, 21 Oct 2020 04:37:40 +0000 https://astrodeeva.com/?p=980 आज पंचम नवरात्र के दिन आदिशक्ति माँ दुर्गा की स्कंदमाता के रूप में पूजा होती है। कुमार कार्तिकेय की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा। इनकी पूजा करने वाले साधक संसार के सभी सुखों को भोगते हुए अंत में मोक्ष पद को प्राप्त होते हैं। उनके जीवन में किसी भी प्रकार की वस्तु का कोई अभाव कभी नहीं रहता। इन्हें पद्मासनादेवी भी कहते हैं। माँ का वाहन सिंह है और इन्हें केले का भोग अति प्रिय है। आज 21 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल   मेष राशि  आज का दिन मध्यम फल देने वाला है |किसी के साथ वाद विवाद को टाल दे |आपकी चिंताओं में वृद्धि, दोस्तों के साथ कही घूमने के लिए जा सकते है |नौकरी और व्यापार मे लाभ की संभावना है, परिवार के साथ हंसी […]

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आज पंचम नवरात्र के दिन आदिशक्ति माँ दुर्गा की स्कंदमाता के रूप में पूजा होती है। कुमार कार्तिकेय की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा। इनकी पूजा करने वाले साधक संसार के सभी सुखों को भोगते हुए अंत में मोक्ष पद को प्राप्त होते हैं। उनके जीवन में किसी भी प्रकार की वस्तु का कोई अभाव कभी नहीं रहता। इन्हें पद्मासनादेवी भी कहते हैं। माँ का वाहन सिंह है और इन्हें केले का भोग अति प्रिय है।

आज 21 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल 

 मेष राशि 

आज का दिन मध्यम फल देने वाला है |किसी के साथ वाद विवाद को टाल दे |आपकी चिंताओं में वृद्धि, दोस्तों के साथ कही घूमने के लिए जा सकते है |नौकरी और व्यापार मे लाभ की संभावना है, परिवार के साथ हंसी खुशी समय बिताएंगे, स्वास्थ्य का ध्यान रखे |

वृषभ राशि

आज का दिन अति उत्तम फल देने वाला रहेगा|आर्थिक लाभ के योग हैं | दिन अच्छा रहेगा, परिवार के साथ आनंद पूर्वक समय बिताएंगे । स्वास्थ्य का ध्यान रखे, बाहर का खाना नजरअंदाज करे वरना स्वास्थ्य मे गिरावट और मानसिक परेशान हो सकती है। उत्तम फल के लिए ज़रूरी कार्य मध्यान से पूर्व ही सम्पन्न कर ले |

मिथुन राशि 

आज का दिन संभलकर रहे |घर मे ही वाद –विवाद की संभावना है शारीरिक अस्वस्थता रहेगी कोई भी कार्य सही तरीके से पूर्ण करने मे असफल रहेंगे | यात्रा के योग बन रहे हे पेर अभी जितना हो सके यात्रा टाल दे अपनी तरफ से कोई गलती की गुंजाइश न छोड़े वरना आगे चलकर आपकी परेशानी का कारण बन सकती है  |

कर्क राशि 

आज का दिन काफी फलदायी रहेगा ग्रस्थ जीवन सोहर्द पूर्ण रहेगा नॉकरी और व्यपार मे लाभ मिलेगा बड़ों का आशीर्वाद ले सारे कार्य निर्व घिन तरीके से पूर्ण होंगे प्यार आपके सर चड़कर बोलेगा | लेकिन मध्यान के बाद अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे |

सिंह राशि 

आज का दिन कोई भी नई गतिविधि शुरू करने के लिए सर्वोत्तम है | सारे अधूरे कार्य पूर्ण होंगे |मित्रों से मेल –मिलाप की संभावना है |  आप आज खुश रहेंगे इंकम बड़िया रहेगी खर्चों मे कमी आएगी परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा पार्टनर के साथ समय बिताएंगे कुछ परेशान हो तो घर के बड़ों के साथ बात करके समस्या का निदान निकलेगा |

कन्या राशि 

आज का दिन आपके लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा मानसिक तनाव और शारीरिक कष्ट आपके चारों और आपको घेरे रहेंगे लकीं दुपहर के बाद सब कुछ समान्य होने लगेगा | स्वास्थ्य का ध्यान रखे |लंबे प्रवास का योग बन रहा है |कोई भी कार्य संभलकर करे |

तुला राशि 

आज का दिन भाग्य  आपका साथ नहीं देगा  फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य  कमजोर रहेगा। धन की तंगी होगी। बेकार बातों पर ध्यान न दें। विचारों की स्पष्टता न होने से उलझनें रहेंगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। नौकरी में स्थानांतरण या परिवर्तन संभव है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक-ठीक ही रहेगा |

वृश्चिक राशि 

भूमि व भवन आदि के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नौकरी में सफलता प्राप्त होगी  शत्रु परास्त होंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सभी कार्य पूर्ण होंगे |

धनु राशि 

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। शैक्षणिक व शोध कार्य अनुकूल  रहेंगे। किसी घर के बड़े व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

मकर राशि 

प्रियजनों के साथ बेवजह रिश्तों में खटास आ सकती है। लोगों की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। हताशा का अनुभव होगा। मन की बात किसी को न बतलाएं। संवेदनशीलता बढ़ेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें |

कुम्भ राशि 

नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। मेहनत का फल प्राप्त होगा। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएं  सुख के साधन जुटेंगे। कारोबारी लाभ बढ़ेगा कोई भी नया निवेश करने से बचे |

मीन राशि 

साथी तथा रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। अच्छी खबर प्राप्त होगी। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा  आर्थिक लाभ होगा |

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Horoscope 20 October 2020: चतुर्थ नवरात्र मंगलवार , जाने कैसा रहेगा आज का दिन https://astrodeeva.com/horoscope-20-october-2020-%e0%a4%9a%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be/ https://astrodeeva.com/horoscope-20-october-2020-%e0%a4%9a%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be/#respond Tue, 20 Oct 2020 04:31:14 +0000 https://astrodeeva.com/?p=977 अपने उदर से ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली माँ कुष्मांडा की पूजा चौथे नवरात्र में करने का विधान है। इनकी आराधना करने वाले भक्तों के सभी प्रकार के रोग एवं कष्ट मिट जाते हैं तथा साधक को माँ की भक्ति के साथ ही आयु, यश और बल की प्राप्ति भी सहज ही हो जाती है। माँ को भोग में मालपुआ अति प्रिय है। आज 20 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल  मेष राशि  मेष राशि के जातकों के लिए आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा। आप प्रेम प्रसंग के चक्कर मे न फसे, आर्थिक नुकसान हो सकता है | अपनी वाणी पे ध्यान दे वरना किसी अपने से भी झगड़ा हो सकता है | वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के […]

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अपने उदर से ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली माँ कुष्मांडा की पूजा चौथे नवरात्र में करने का विधान है। इनकी आराधना करने वाले भक्तों के सभी प्रकार के रोग एवं कष्ट मिट जाते हैं तथा साधक को माँ की भक्ति के साथ ही आयु, यश और बल की प्राप्ति भी सहज ही हो जाती है। माँ को भोग में मालपुआ अति प्रिय है।

आज 20 ऑक्टोबर 2020 का राशिफल 

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा। आप प्रेम प्रसंग के चक्कर मे न फसे, आर्थिक नुकसान हो सकता है | अपनी वाणी पे ध्यान दे वरना किसी अपने से भी झगड़ा हो सकता है |

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन समान्य रहेगा |  आप अपनी अलग पहचान बनाएंगे, व्यवसाय मे पैसा  लगाने से पहले कई बार सोचे क्योंकि अभी सही वक्त नहीं है। ग्रस्थ जीवन अच्छा बीतेगा, नोकरी मे प्रमोशन मिलने के योग है |

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्तम रहेगा | छात्रों को परिणाम अच्छे  मिलेंगे । आर्थिक लाभ के सयोग बन रहे है, खर्चों पे नियंत्रण रखे कुछ मानसिक तनाव हो सकता है। आप धार्मिक कार्यों मे सयोग देंगे ,परिवार वालों से आर्थिक सपोर्ट मिलेगा ।

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्तम रहेगा | नॉकरी वालों को तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। आप आय से अधिक व्यय की अपनी आदत को बदलने की कोशिश करे। पति पत्नी मे गिट पीट हो सकती है लेकिन बच्चों के साथ समय बिताना आपको सुकून के पल देगा |

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा | नॉकरी मे स्थिरता बनी रहेगी । दूसरों को ध्यान मे रख कर के ही अपने कामों को करे। फिजूल खर्च से बचे ,उधार देने से बचे ,अपनी वाणी पे स्यंम रखे और परिवार मे आपकी कोई बात कड़वाहट पेदा कर सकती है |

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन कठिनाई भरा रहेगा | आर्थिक मामलों के कारण  घर मे तना  तनी का माहौल  रहेगा| अपने व्यय की आदत को बदलने की कोशिश करे | वाणी में मधुरता रखें और बड़ों का आशीर्वाद लें।

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुल रहेगा | सुनी सुनाई बातों पर और किसी पे भी आँख मूँद कर विश्वास मत करिए । आर्थिक लाभ के सयोग है पर वो कठिन परिश्रम से प्राप्त होंगे |

वृश्चिक राशि  

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन कम फलदायी होने के कारण आप का  मन अशांत हो सकता है | वाहन दुर्घटना हो सकती है , सावधानी पूर्वक चलाए। बाहर का खाना न खाए , स्वास्थ्य खराब हो सकता है | नकारात्मक बातों को मन मे घर न करने दे |

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा बीतेगा। आज आपके प्रयास रंग लाएंगे जिससे आपके उन्नति के रास्ते खुलेंगे , कोई सुखद परिवर्तन आपके जीवन मे आने वाला है | कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा |

मकर राशि 

मकर राशि के जातक आज अपने आप को आलस्य से बचाय आज। आपको धन लाभ और यश समान्न मे व्रधि के योग बन रहे है, लेकिन ये सब आपके अथक प्रयास से ही संभव है। आपका कही अटक हुआ पैसा वापस मिल सकता हे |

कुम्भ राशि 

कुम्भ राशि के जातकों के लिए आज का दिन फलदायी सिद्ध होने वाला है।  इंकम मे बढ़ोतरी के योग है, स्थान परिवर्तन भी हो सकता है| मान सम्मान मे व्रधि होगी | परिवार और दोस्तों के साथ खुशनुमा माहौल रहेगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा |

मीन राशि 

मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन कम फलदायी रहने के कारण मन अप्रसन्न रहेगा। सुबह से ही मन खिन्न रहेगा, शारीरिक अस्वास्थत हो सकती है | वाणी पे नियंत्रण और वाद विवाद से बचना होगा। आज घर मे कुछ भी करने से पहले बड़ों की राय जरूर ले।

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Horoscope 19 October 2020 : सोमवार नवरात्रि तीसरा दिन, जाने ग्रहों की चाल का प्रभाव https://astrodeeva.com/horoscope-19-october-2020-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0/ https://astrodeeva.com/horoscope-19-october-2020-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0/#respond Mon, 19 Oct 2020 03:45:58 +0000 https://astrodeeva.com/?p=973 माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप में मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चन्द्र बना होने के कारण इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा तथा नवरात्रि के तीसरे दिन माँ के इसी रूप की पूजा की जाती है तथा माँ की कृपा से साधक को संसार के सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। शेर पर सवारी करने वाली माता को दूध का भोग प्रिय है। मेष राशि  मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्तार-चढ़ाव भरा रहेगा | आज आपको अपने कार्यों मे रुकावटे आती हुई महसूस होंगी | स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखे | धार्मिक कार्यों मे आस्था बढ़ेगी | आज […]

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माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप में मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चन्द्र बना होने के कारण इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा तथा नवरात्रि के तीसरे दिन माँ के इसी रूप की पूजा की जाती है तथा माँ की कृपा से साधक को संसार के सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। शेर पर सवारी करने वाली माता को दूध का भोग प्रिय है।

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्तार-चढ़ाव भरा रहेगा | आज आपको अपने कार्यों मे रुकावटे आती हुई महसूस होंगी | स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखे | धार्मिक कार्यों मे आस्था बढ़ेगी | आज आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा |

वृषभ राशि 

आज का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा | आज कार्य क्षेत्र मे अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे | आज आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते है जो आपके लिए हितकर भी साबित होगा | आज आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा |

मिथुन राशि 

आज का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए उत्तम रहेगा | आज आप अपने कार्यक्षेत्र मे प्रशंशा के पात्र साबित होंगे | आज आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे | आपका स्वास्थ्य भी आज आपका ससाथ देगा |बस अपनी बचत पे ध्यान देने की आवश्यकता है |

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन मानसिक चिंता भरा रहेगा | आज आप अपने आप को सकारात्मक रखने की ज्यादा आवश्यकता है अगर आज कार्यक्षेत्र मे आप से कोई गलती हो जाए तो आप अपने दिमाग मे कोई नकारात्मक व्यवहार न लाए बल्कि अपनी गलतियों से सीखने का |

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित फल प्रदान करने वाला रहेगा | आज आप अपने आप को कार्यक्षेत्र मे अत्यधिक व्यस्त रखेंगे, आप को कई काम मे उलझनों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन आप अपने आत्मविश्वास के बल पर उन उलझनों और अड़चनों पे विजय प्राप्त करेंगे |

ये भी पढ़ें : दुर्गा सप्तशती सम्पूर्ण पाठ का फल पायें इस एक मंत्र के जाप से।

कन्या राशि 

आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा | आज आपको कड़ी मेहनत के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे | नौकरी के वालों का दिन बहुत बड़िया होगा जिससे मन प्रसन रहेगा पारिवारिक जीवन समानय रहेगा आर्थिक लाभ के लिए अधिक प्रयत्न करना होगा |

तुला राशि 

इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है |अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है | जिससे आपका मन आर्थिक कार्यों मे नहीं लगेगा |अपने निवेश को लेकर सही योजना बनाये  नहीं तो आर्थिक नुकसान के लिए तैयार  रहे धार्मिक कार्यों का अनुष्ठान करे आपके लिए मंगलमाई होगा |

वृश्चिक राशि  

 आज का दिन वृच्छिक  राशि के जातकों के लिए उत्तम नहीं है |आज के दिन अपनी सेहत पर विशेष ध्यान दे आपको शारीरिक कष्ट उठाना पड़ सकता है | इस से आपको मानसिक तनाव उत्पन्न  हो सकता है | आज आप अपने खर्चों पे नियंत्रण रखे नहीं तो आपकी चिंता बढ़ सकती है |

धनु राशि 

 आज का दिन धनु राशि  के जातकों के लिए खर्चों भरा रहेगा | आपके खर्चों मे अचानक व्रधि हो सकती हे इसलिए अपने खर्चों पे नियंत्रण रखे | न चाहते हुए भी आप अपनी बातों से दूसरों को आहात कर सकते है |स्वास्थ्य मध्यम रहेगा |

मकर राशि 

आप को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना पड़ेगा आपका साथी आपके प्रति  स्वेदनशील  हो सकता है | जिससे आपके और आपके पार्टनर के  मध्यय नोक झोंक होने की पूर्ण संभावना है |  आप की यात्रा के समय अपने समान की रक्षा पूर्ण रूप से करे अपने खर्चों पे नियंत्रण रखे |

कुम्भ राशि 

आज दिन की शुरुआत भगवान का ध्यान लेकर करे इससे आपकी शुरुआत बड़िया होगी और आपका आत्म विश्वास बड़ा रहेगा और आर्थिक लाभ के संकेत मिल रहे है | आप अपने पार्टनर के साथ कही डिनर पर जा सकते है |

मीन राशि 

इस समय सोच समझ कर किया गया खर्च आर्थिक हानी से बचा जा सकता है | जिससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी |पारिवारिक जीवन की समस्याओ का अंत होगा|  स्वास्थ का ध्यान रखे वाद विवाद मे न पड़े   वरना नुकसान उठाना पड़  सकता है |

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Horoscope 18 October 2020: रविवार, नवरात्र द्वितीय दिन का राशिफल https://astrodeeva.com/horoscope-18-october-2020-%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4/ https://astrodeeva.com/horoscope-18-october-2020-%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4/#respond Sun, 18 Oct 2020 04:49:53 +0000 https://astrodeeva.com/?p=970 आज नवरात्र के दूसरे दिन माँ के ब्रह्मचारिणी रूप को पूजा जाता है। जो साधक माँ के इस रूप की पूजा करते हैं उन्हें तप, त्याग, वैराग्य, संयम और सदाचार की प्राप्ति होती है और जीवन में वे जिस बात का संकल्प कर लेते हैं उसे पूरा करके ही रहते हैं। माँ को शक्कर का भोग प्रिय है। मेष राशि  मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्तम रहेगा |व्यापार मे सफलता प्राप्त हो सकती है | आज सरकारी नौकरी वालों को भी सफलता प्राप्त हो सकती है | धार्मिक कार्यों मे भाग ले सकते है |अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे | वृषभ […]

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आज नवरात्र के दूसरे दिन माँ के ब्रह्मचारिणी रूप को पूजा जाता है। जो साधक माँ के इस रूप की पूजा करते हैं उन्हें तप, त्याग, वैराग्य, संयम और सदाचार की प्राप्ति होती है और जीवन में वे जिस बात का संकल्प कर लेते हैं उसे पूरा करके ही रहते हैं। माँ को शक्कर का भोग प्रिय है।

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्तम रहेगा |व्यापार मे सफलता प्राप्त हो सकती है | आज सरकारी नौकरी वालों को भी सफलता प्राप्त हो सकती है | धार्मिक कार्यों मे भाग ले सकते है |अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे |

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन कठिनाई भरा रहेगा | आज कुछ परेशानियों से आप को रूबरू होना पड़ सकता है | आज आय को देखते हुए व्यय अत्यधिक होंगे | आज आप घर वालों के साथ कुछ अच्छा समय व्यतीत करेंगे |

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन समान्य रहेगा | आज आपको नौकरी मे कुछ प्रगति प्राप्त हो सकती है आज आप अपने कार्य को भी पूर्ण तल्लीनता से करेंगे | आज ग्रस्थ जीवन वालों के जीवन मे कुछ परेशानी आ सकती है आप बैठ कर उन्हे सुलझाने की कोशिश करे |स्वास्थ्य मे गिरावट आ सकती है |

कर्क राशि 

आज कर्क राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा | आज का दिन नई उचाइयों को छूने का रहेगा आज आप किसी नए कार्य मे अपने लक को आजमा सकते है और जिसमे आपको सफलता भी प्राप्त हो सकती है |आज परिवार को समय देंगे |

सिंह राशि 

आज का दिन सिंह राशि के जातकों के लिए उत्तम रहेगा |यात्रा के योग बन रहे है अपने दोस्तों के साथ | आज स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा | आज का दिन खुशियों  भरा रहेगा | आज का दिन मौज –मस्ती मे बीतेगा |

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आप अपने काम पर पूरा ध्यान देंगे। पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी निभाएंगे, गृहस्थ जीवन खुशनुमा रहेगा। कार्य की अधिकता के कारण थकान हो सकती है|

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए शानदार रहेगा। परिवार के प्रति सारी जिम्मेदारियों को निभाएंगे। परिवार वालों के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। घर मे किसी  की बिगड़ती सेहत चिंता का कारण बन सकती है। 

वृश्चिक राशि  

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे। गृहस्थ जीवन प्यार से भरपूर रहेगा। एक दूसरे के प्रति प्रेम और समान बना रहेगा आप अपने पार्टनर के साथ कही बाहर घूमने जा सकते है |

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए दिन  सामान्य रहेगा। इनकम बढ़ेगी परिवार के लोग खुशनुमा माहौल में एक दूसरे के साथ रहेंगे। काम के सिलसिले में ज्यादा मेहनत करने से आपको थोड़ी थकान होगी, कमजोरी महसूस करेंगे। काम के सिलसिले में अच्छे नतीजे मिलेगे  जिससे आपकी सेहत पे असर पड़ सकता है |

मकर राशि 

मकर राशि के जातकों के  लिए शानदार रहेगा। आज आप सकारात्मक रहेंगे और हर काम को बहुत अच्छे से करेंगे जिससे अच्छे नतीजे भी मिलेंगे और आप की वाहवाही भी होगी। गृहस्थ जीवन समझदारी और प्रेम से भरपूर रहेगा आज का दिन रोमांटिक रहेगा |

कुम्भ राशि 

कुम्भ राशि के जातकों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा। अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें। आप बीमार पड़ सकते हैं। खर्चों में यकायक बढ़ोतरी आपको परेशान कर सकती है। धन खर्च और तनाव आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकते है |

मीन राशि 

आज का दिन मीन राशि के जातकों के लिए शानदार रहेगा। आपकी इनकम बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। खर्चों में थोड़ी कमी आएगी वाहन चलाते समय सतर्कता वरते वरना चोट लग सकती है | इसलिए थोड़ा ध्यान रखें। पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा |

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Mata Siddhidatri | माँ सिद्धिदात्री – जाने माता की कथा, मंत्र, पूजा विधि और आरती https://astrodeeva.com/mata-siddhidatri-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87/ https://astrodeeva.com/mata-siddhidatri-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87/#respond Fri, 16 Oct 2020 17:15:47 +0000 https://astrodeeva.com/?p=964 जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग […]

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जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग रूपों में अवतार ले कर जनमानस का कल्याण किया है। माँ दुर्गा के रूप इतने कल्याणकारी है कि इनके दर्शन एवं पूजन मात्र से भक्तों के संकट दूर हो जाते हैं और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों में माता के नौ स्वरूप बताए गये है और इन स्वरूपों कि विधिवत सच्चे मन से पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होता है। हमने आप को अपने पूर्व लेखों में देवी के प्रथम आठ रूपों (माँ शैलपुत्रीमाँ ब्रह्मचारिणीमाँ चंद्रघंटामाँ कुष्मांडामाँ स्कंदमातामाँ कात्यायनी, माँ कालरात्रि और माँ महागौरी) के बारे में विस्तार से बताया है। इस लेख में हम दुर्गा जी के नवम स्वरूप के बारे में बता रहे है।  देवी अपने नवम स्वरूप में सिद्धिदात्री  के नाम से जानी जाती हैं। देवी के इस स्वरूप के नाम का अर्थ- सिद्धि अर्थात आध्यात्मिक शक्ति और दात्री अर्थात् देने वाली है। सिद्धिदात्री  के नाम का शाब्दिक अर्थ है सिद्धि को प्रदान करने वाली है। इनकी भक्ति से भक्तों के अंदर की बुराइयाँ नष्ट होती हैं और प्रकाश रूपी ज्ञान का संचार होता है। 

माँ सिद्धिदात्री  का स्वरूप 

देवी सिद्धिदात्री का स्वरूप सौम्य एवं आकर्षक है। देवी कमल के पुष्प पर विराजमान है और सिंह की सवारी करती है। इनकी चार भुजाएँ है देवी अपने बाएँ हाथों में कमल का फूल और शंख धारण किए हुए है तथा अपने दाएँ एक हाथ में गदा धारण करती है और दूसरे दाहिने हाथ चक्र धारण किए हुए है। देवी का यह स्वरूप सभी प्रकार की सिद्धि देने वाला है।

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माँ सिद्धिदात्री की कथा 

देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने सभी प्रकार की सिद्धियाँ पाने के लिए देवी सिद्धिदात्री की उपासना की थी। ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मांड के प्रारम्भ में भगवान शिव ने सृजन के लिए आदि पराशक्ति की उपासना की थी। लेकिन आदि पराशक्ति का कोई स्वरूप नहीं है इसलिए देवी, भगवान शिव के वाम अंग से सिद्धिदात्री के रूप में प्रकट हुईं हैं। इसलिए भगवान शिव को अर्धनारीश्वर कहा गया। 

माँ सिद्धिदात्री  की पूजा का विधान 

श्री माँ दुर्गा जी के इस नवम रूप में सिद्धिदात्री  की पूजा नवरात्रि के नवे और आख़री दिन होती है। इनकी पूजा बड़े विधि-विधान से करनी चहिये, अतः नवरात्र की नवमी के दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठ कर, नियमित कार्यों के निवृत्त होकर, माँ के निमित्त विविध प्रकार की विहित पूजन की सामाग्री को संग्रहित करके पूजा करनी चाहिए। सर्व प्रथम एक चौकी पर माँ सिद्धिदात्री  की तस्वीर या मूर्ति रखें और भक्तिभाव से हवन एवं आरती करें। नवरात्र के नवमी के दिन हवन करना चहिए  हवन करते वक्त सभी देवियों के नाम से आहुति देनी चहिये फिर माता के नाम से आहुति देनी चहिए। अगर हवन के सही श्लोक मालूम न हो तो दुर्गा सप्तशती के सभी श्लोक मंत्र रूप में हैं अतः सप्तशती के श्लोक वाचन करते हुए आहुति दी जा सकती है। देवी के बीज मंत्र ऊँ ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमो नम:” से कम से कम 108 बार आहुति दें। और फिर प्रसाद का भोग लगा कर माँ की आरती करें। 

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माँ सिद्धिदात्री के मंत्र

माँ सिद्धिदात्री  के अनेक मंत्र है, अतः ज़रूरतों के अनुसार उपयुक्त मंत्र का उच्चारण व जाप करने का अपना ही महत्व है। यहाँ हम माँ के कुछ उपयोगी मंत्र बता रहे हैं जिन के जप से माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है 

ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥

प्रार्थना मंत्र

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

ध्यान मंत्र

वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
कमलस्थिताम् चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्विनीम्॥
स्वर्णवर्णा निर्वाणचक्र स्थिताम् नवम् दुर्गा त्रिनेत्राम्।
शङ्ख, चक्र, गदा, पद्मधरां सिद्धीदात्री भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम्।
मञ्जीर, हार, केयूर, किङ्किणि रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोला पीन पयोधराम्।
कमनीयां लावण्यां श्रीणकटिं निम्ननाभि नितम्बनीम्॥

स्त्रोत

कञ्चनाभा शङ्खचक्रगदापद्मधरा मुकुटोज्वलो।
स्मेरमुखी शिवपत्नी सिद्धिदात्री नमोऽस्तुते॥
पटाम्बर परिधानां नानालङ्कार भूषिताम्।
नलिस्थिताम् नलनार्क्षी सिद्धीदात्री नमोऽस्तुते॥
परमानन्दमयी देवी परब्रह्म परमात्मा।
परमशक्ति, परमभक्ति, सिद्धिदात्री नमोऽस्तुते॥
विश्वकर्ती, विश्वभर्ती, विश्वहर्ती, विश्वप्रीता।
विश्व वार्चिता, विश्वातीता सिद्धिदात्री नमोऽस्तुते॥
भुक्तिमुक्तिकारिणी भक्तकष्टनिवारिणी।
भवसागर तारिणी सिद्धिदात्री नमोऽस्तुते॥
धर्मार्थकाम प्रदायिनी महामोह विनाशिनीं।
मोक्षदायिनी सिद्धीदायिनी सिद्धिदात्री नमोऽस्तुते॥

कवच मंत्र

ॐकारः पातु शीर्षो माँ, ऐं बीजम् माँ हृदयो।
हीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो॥
ललाट कर्णो श्रीं बीजम् पातु क्लीं बीजम् माँ नेत्रम्‌ घ्राणो।
कपोल चिबुको हसौ पातु जगत्प्रसूत्यै माँ सर्ववदनो॥

माँ सिद्धिदात्री  की आरती

जय सिद्धिदात्री मां तू सिद्धि की दाता ।

तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता ।।

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि ।

तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि ।।

कठिन काम सिद्ध करती हो तुम ।

जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम ।।

तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है ।

तू जगदंबे दाती तू सर्व सिद्धि है ।।

रविवार को तेरा सुमिरन करे जो ।

तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो ।।

तू सब काज उसके करती है पूरे ।

कभी काम उसके रहे ना अधूरे ।।

तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया ।

रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया ।।

सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली ।

जो है तेरे दर का ही अंबे सवाली ।।

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा ।

महा नंदा मंदिर में है वास तेरा ।।

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता ।

भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता ।।

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ज्योतिषीय पहलू

ज्योतिष के अनुसार देवी सिद्धिदात्री  केतु ग्रह को नियंत्रित करती , इसलिए उनकी विधिवत उपासना करने से केतु ग्रह के द्वारा पड़ने वाले बुरे प्रभाव भी निष्क्रिय हो जाते हैं।

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Mata Mahagauri | माँ महागौरी – जाने माता की कथा, मंत्र, पूजा विधि और आरती https://astrodeeva.com/mata-mahagauri-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95/ https://astrodeeva.com/mata-mahagauri-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95/#respond Fri, 16 Oct 2020 09:35:24 +0000 https://astrodeeva.com/?p=958 जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग […]

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जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग रूपों में अवतार ले कर जनमानस का कल्याण किया है। माँ दुर्गा के रूप इतने कल्याणकारी है कि इनके दर्शन एवं पूजन से भक्त के संकट नष्ट हो जाते हैं और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों में माता के नौ स्वरूप बताए गये है और इन स्वरूपों कि पूजा करने से लाभ होता है। हमने आप को अपने पूर्व लेखों में देवी के प्रथम सात रूपों (माँ शैलपुत्रीमाँ ब्रह्मचारिणीमाँ चंद्रघंटामाँ कुष्मांडामाँ स्कंदमातामाँ कात्यायनी और माँ कालरात्रि) के बारे में विस्तार से बताया है। इस लेख में हम दुर्गा जी के अष्टम स्वरूप के बारे में बता रहे है।  देवी अपने अष्टम स्वरूप में महागौरी के नाम से जानी जाती हैं। देवी के इस स्वरूप के नाम का अर्थ- महा अर्थात महान और बड़ा है और गौरी अर्थात् गोरी है। महागौरी के नाम का शाब्दिक अर्थ है सबसे गोरी/ सुंदर।

माँ महागौरी का स्वरूप 

देवी महागौरी का वर्ण पूर्णतः गोरा है, इस गौरता की उपमा शंख और चंद्र से दी गई है। इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि भी श्वेत हैं। इसलिए इन्हें महागौरी कहा गया है। इनकी चार भुजाएँ है । माता अपने एक बाएँ हाथ में डमरू धारण किए हुए है तथा दूसरा बायां हाथ वर मुद्रा में है। देवी अपने दाएँ एक हाथ में त्रिशूल धारण करती है और दूसरा दाहिना हाथ अभय मुद्रा धारण किए हुए है। देवी महागौरी वृषभ की सवारी करती हैं। 

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माँ महागौरी की कथा 

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए देवी ने अपने बाल्यकाल से ही कठोर तपस्या प्रारम्भ की और कई वर्षों के कठोर तप के बाद भगवान शिव प्रसन्न हुए और देवी को अपनी भार्या के रूप में स्वीकार किया। इतने वर्षों की कठोर तपस्या के कारण देवी का शरीर अत्यंत जीर्ण व कमजोर होकर काले रंग का हो गया था। देवी की ऐसी दशा को देख कर भोलेनाथ ने अपने कमंडल से गंगा जल निकाल कर देवी पे छिड़क दिया और देवी को गंगा जल से स्नान करवाया। जिसके प्रभाव व शिव की इच्छा से देवी का वर्ण विद्युत के समान अत्यंत कांतिमान हो गया। तभी से इनका नाम महागौरी पड़ा। 

देवी का नाम महागौरी क्यों पड़ा इस पर एक और पौराणिक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि एक बार माता और शिव जी बातें कर रहे थे इसी बीच बातों बातों में भगवान शिव ने माता से कुछ कह दिया। जिसे माता ने अपने मन में लगा लिया और वहाँ से चली गयी और तपस्या में लीन हो गयी। जब माता कई वर्षों तक नहीं लौटी तो भगवान शिव उन्हें खोजने के लिए निकल पड़े। खोजते खोजते शिव वहाँ पहुँच गये जहाँ माता तपस्या में लीन थी। तपस्या के कारण माता का शरीर अति तेज से युक्त हो गया जिसे देख शिव जी में माता को गौरी कह कर संबोधित किया तभी से इन्हें माँ महागौरी के रूप में जाना जाने लगा।

माँ महागौरी की पूजा का विधान 

श्री माँ दुर्गा जी के इस अष्टम रूप में महागौरी की पूजा नवरात्रि के आठवे दिन होती है। इनकी पूजा बड़े विधि-विधान से करनी चहिये, अतः नवरात्र के आठवे दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठ कर, नियमित कार्यों के निवृत्त होकर, माँ के निमित्त विविध प्रकार की विहित पूजन की सामाग्री को संग्रहित करके पूजा करनी चाहिए। सर्व प्रथम एक चौकी पर सफ़ेद वस्त्र बिछाकर उस पर महागौरी यंत्र रखें और यंत्र की स्थापना कर माँ महागौरी की पूजा करनी चाहिए। और दुर्गसप्तशती का पाठ करें या ब्राह्मण से करवाएँ। 

दुर्गा पूजा में अष्टमी तिथि का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। इस दिन महिलाएँ अपने सुहाग के लिए देवी माँ को चुनरी भेंट करती हैं। अष्टमी के दिन कन्या पूजन करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। कन्याओं की संख्या 9 होनी चाहिए। कन्याओं की आयु 2 साल से ऊपर और 10 साल से अधिक न हो। भोजन कराने के बाद कन्याओं को दक्षिणा देनी चाहिए।

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माँ महागौरी के मंत्र

माँ महागौरी के अनेक मंत्र है, अतः ज़रूरतों के अनुसार उपयुक्त मंत्र का उच्चारण व जाप करने का अपना ही महत्व है। यहाँ हम माँ के कुछ उपयोगी मंत्र बता रहे हैं जिन के जप से माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है:

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

॥ प्रार्थना मंत्र ॥

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

॥ स्तुति ॥

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

॥ ध्यान मंत्र ॥

वन्दे वाञ्छित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहारूढा चतुर्भुजा महागौरी यशस्विनीम्॥
पूर्णन्दु निभाम् गौरी सोमचक्रस्थिताम् अष्टमम् महागौरी त्रिनेत्राम्।
वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम्।
मञ्जीर, हार, केयूर, किङ्किणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोलाम् त्रैलोक्य मोहनम्।
कमनीयां लावण्यां मृणालां चन्दन गन्धलिप्ताम्॥

॥ स्त्रोत ॥

सर्वसङ्कट हन्त्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदायनीम्।
डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
त्रैलोक्यमङ्गल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
वददम् चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥

॥ कवच मंत्र ॥

ॐकारः पातु शीर्षो माँ, हीं बीजम् माँ, हृदयो।
क्लीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो॥
ललाटम् कर्णो हुं बीजम् पातु महागौरी माँ नेत्रम्‌ घ्राणो।
कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा माँ सर्ववदनो॥

॥ माँ महागौरी की आरती ॥

जय महागौरी जगत की माया।
जया उमा भवानी जय महामाया॥

हरिद्वार कनखल के पासा।
महागौरी तेरी वहां निवासा॥

चंद्रकली ओर ममता अंबे।
जय शक्ति जय जय माँ जगंदबे॥

भीमा देवी विमला माता।
कौशिकी देवी जग विख्यता॥

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥

सती {सत} हवन कुंड में था जलाया।
उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥

तभी माँ ने महागौरी नाम पाया।
शरण आनेवाले का संकट मिटाया॥

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।
महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥

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ज्योतिषीय पहलू

ज्योतिष के अनुसार देवी महागौरी राहु ग्रह को नियंत्रित करती , इसलिए उनकी विधिवत उपासना करने से राहु ग्रह के द्वारा पड़ने वाले बुरे प्रभाव भी निष्क्रिय हो जाते हैं।

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Mata Kalaratri | माँ कालरात्रि – जाने माता की कथा, मंत्र, पूजा विधि और आरती https://astrodeeva.com/mata-kalaratri-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4/ https://astrodeeva.com/mata-kalaratri-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4/#respond Thu, 15 Oct 2020 08:52:15 +0000 https://astrodeeva.com/?p=949 जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग रूपों […]

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जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग रूपों में अवतार ले कर जनमानस का कल्याण किया है। माँ दुर्गा के रूप इतने कल्याणकारी है कि इनके दर्शन एवं पूजन से भक्त के संकट नष्ट हो जाते हैं और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों में माता के नौ स्वरूप बताए गये है और इन स्वरूपों कि पूजा करने से लाभ होता है। हमने आप को अपने पूर्व लेखों में देवी के प्रथम छःरूपों (माँ शैलपुत्रीमाँ ब्रह्मचारिणीमाँ चंद्रघंटामाँ कुष्मांडामाँ स्कंदमाता और माँ कात्यायनी ) के बारे में विस्तार से बताया है। इस लेख में हम दुर्गा जी के सातवें स्वरूप के बारे में बता रहे है। देवी अपने सातवें स्वरूप में कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। देवी के इस स्वरूप के नाम का अर्थ- काल अर्थात मृत्यु और समय है और रात्रि अर्थात् रात है। कालरात्रि के नाम का शाब्दिक अर्थ है रात/ अंधेरे को ख़त्म करने वाली। 

माँ कालरात्रि का स्वरूप 

देवी कालरात्रि का शरीर रात के अंधकार की तरह कृष्ण वर्ण का है इनके बाल बिखरे हुए हैं तथा इनके गले में विधुत की माला है। इनके चार भुजाएँ है अपनी बाएँ एक हाथ में कटार तथा एक हाथ में खगड धारण किया हुआ है। देवी के दोनो दाहिने हाथ वरमुद्रा और अभय मुद्रा में है। कालरात्रि का वाहन गर्दभ(गधा) है। इनके तीन नेत्र है तथा इनके श्वास से अग्नि निकलती है। ये तीनों ही नेत्र ब्रह्मांड के समान गोल हैं। माँ कालरात्रि भक्तों का हमेशा कल्याण करती हैं, अतः इन्हें शुभंकरी भी कहते हैं।

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माँ कालरात्रि की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार तीनों लोकों में शुम्भ निशुम्भ नामक दानवो ने आतंक मचा रखा था और देवलोक पर दानवो का राज हो गया था। इससे परेशान होकर सभी देवता माँ पार्वती के पास इस समस्या के समाधान के लिए पहुंचे। माँ उस समय अपने घर में स्नान कर रहीं थीं, इसलिए उन्होंने उनकी मदद के लिए चण्डी को भेजा।

जब देवी चण्डी दानवो से युद्ध करने पहुँची तो दानवो की तरफ़ से चण्ड-मुण्ड नामक दानव आए। देवी ने उनका वध किया जिसके कारण उनका नाम चामुंडा पड़ा। इसके बाद रक्तबीज नामक राक्षस आया। उस को वरदान था की जैसे ही उसके रक्त की बूँद धरती पर गिरेगी तो एक नया रक्तबीज उत्पन होगा। तब देवी ने उसे मारकर उसका रक्त पान करने का निर्णय किया और माँ कालरात्रि को उत्पन्न किया। ताकि माँ कालरात्रि रक्तबीज का वध कर उस का सारा रक्तपान कर ले ताकि रक्त की एक बूँद भी धरती पर ना गिरे और नया रक्तबीज उत्पन ना हो सके।

माँ कालरात्रि की पूजा का विधान 

श्री माँ दुर्गा जी के इस सप्तम रूप में माँ कालरात्रि की पूजा नवरात्रि के सातवें दिन होती है। इनकी पूजा बड़े विधि-विधान से करनी चहिये, अतः नवरात्र के सातवें दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठ कर, नियमित कार्यों के निवृत्त होकर, माँ के निमित्त विविध प्रकार की विहित पूजन की सामाग्री को संग्रहित करके नवग्रह, दशदिक्पाल, देवी के परिवार में उपस्थित देवी देवता की पूजा करनी चाहिए, फिर मां कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए। और दुर्गसप्तशती का पाठ करें या ब्राह्मण से करवाएँ। 

दुर्गा पूजा में सप्तमी तिथि का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। सप्तमी की पूजा अन्य दिनों की तरह ही होती परंतु रात्रि में विशेष विधान के साथ देवी की पूजा करने का विधान है। इस दिन कहीं कहीं तांत्रिक विधि से पूजा होने पर मदिरा भी देवी को अर्पित कि जाती है। सप्तमी की रात्रि ‘को सिद्धियों’ की रात भी कहा जाता है। इनकी साधना यदि शास्त्रीय विधि से की जाए तो तत्काल फल प्राप्त होता है। इसमे तनिक भी संदेह नहीं हैं। काली कलकत्ते वाली का नाम कौन नहीं जानता? वैसे तो माँ काली की पूजा व अर्चना सम्पूर्ण भारत व विश्व के अन्य देशों में होती है। किन्तु बंगाल व असम में उनकी पूजा बड़े ही धूम-धाम से की जाती है।

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माँ कालरात्रि के मंत्र

माँ कालरात्रि के अनेक मंत्र है, अतः ज़रूरतों के अनुसार उपयुक्त मंत्र का उच्चारण व जाप करने का अपना ही महत्व है। यहाँ हम माँ के कुछ उपयोगी मंत्र बता रहे हैं जिन के जप से माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है:

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

प्रार्थना मंत्र

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

ध्यान मंत्र

करालवन्दना घोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम्।
कालरात्रिम् करालिंका दिव्याम् विद्युतमाला विभूषिताम्॥
दिव्यम् लौहवज्र खड्ग वामोघोर्ध्व कराम्बुजाम्।
अभयम् वरदाम् चैव दक्षिणोध्वाघः पार्णिकाम् मम्॥
महामेघ प्रभाम् श्यामाम् तक्षा चैव गर्दभारूढ़ा।
घोरदंश कारालास्यां पीनोन्नत पयोधराम्॥
सुख पप्रसन्न वदना स्मेरान्न सरोरूहाम्।
एवम् सचियन्तयेत् कालरात्रिम् सर्वकाम् समृध्दिदाम्॥

स्त्रोत

हीं कालरात्रि श्रीं कराली च क्लीं कल्याणी कलावती।
कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता॥
कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी।
कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी॥
क्लीं ह्रीं श्रीं मन्त्र्वर्णेन कालकण्टकघातिनी।
कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा॥

कवच मंत्र

ऊँ क्लीं मे हृदयम् पातु पादौ श्रीकालरात्रि।
ललाटे सततम् पातु तुष्टग्रह निवारिणी॥
रसनाम् पातु कौमारी, भैरवी चक्षुषोर्भम।
कटौ पृष्ठे महेशानी, कर्णोशङ्करभामिनी॥
वर्जितानी तु स्थानाभि यानि च कवचेन हि।
तानि सर्वाणि मे देवीसततंपातु स्तम्भिनी॥

माँ कालरात्रि की आरती

कालरात्रि जय-जय-महाकाली।
काल के मुह से बचाने वाली॥

दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।
महाचंडी तेरा अवतार॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा।
महाकाली है तेरा पसारा॥

खडग खप्पर रखने वाली।
दुष्टों का लहू चखने वाली॥

कलकत्ता स्थान तुम्हारा।
सब जगह देखूं तेरा नजारा॥

सभी देवता सब नर-नारी।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥

रक्तदंता और अन्नपूर्णा।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥

ना कोई चिंता रहे बीमारी।
ना कोई गम ना संकट भारी॥

उस पर कभी कष्ट ना आवें।
महाकाली माँ जिसे बचाबे॥

तू भी भक्त प्रेम से कह।
कालरात्रि माँ तेरी जय॥

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ज्योतिषीय पहलू

ज्योतिष के अनुसार देवी कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती , इसलिए उनकी विधिवत उपासना करने से शनि के द्वारा पड़ने वाले बुरे प्रभाव भी निष्क्रिय हो जाते हैं।

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जब-जब संसार में दैत्यों का अत्याचार बढ़ता है और लोगों का धर्म से विश्वास कम होने लगता है तब-तब दुराचारियों का अंत करने दैविय शक्ति का किसी न किसी रूप में पदार्पण होता है। सनातन धर्म में माँ आदिशक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रों के अनुसार माँ आदिशक्ति ने इस संसार में अलग- अलग रूपों में अवतार ले कर जनमानस का कल्याण किया है। माँ भवानी के रूप इतने कल्याणकारी है कि इनके दर्शन एवं पूजन से भक्त के संकट नष्ट हो जाते हैं और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों में माता के नौ स्वरूप है और इन स्वरूपों कि पूजा करने से लाभ होता है। वो अपने छठे स्वरूप में कात्यायनी के नाम से जानी जाती हैं। देवी ने यह रूप महिषासुर नामक राक्षक का वध करने के लिए धारण किया था। माँ कात्यायनी को उनके हिंसक रूप के कारण युद्ध की देवी भी कहा जाता है।

माँ कात्यायनी का स्वरूप

माँ कात्यायनी शेर पे सवार हैं। इनकी चार भुजाएँ है ये अपने बाएँ एक हाथ ने कमल और दूसरे बाएँ हाथ में तलवार धारण करती हैं वहीं माता अपने दाएँ एक हाथ में अभय मुद्रा और दूसरे हाथ से माँ सब को आशीर्वाद प्रदान करती है। 

माँ कात्यायनी की कथा 

पौराणिक कथा के अनुसार प्रसिद्ध महर्षि  कात्यायन ने अनेक वर्षों तक भगवती पराम्बा की कठिन तपस्या की और उन्होंने भगवती को प्रसन्न कर उन्हें अपने घर में पुत्री रूप में जन्म लेने का वरदान माँगा। माता ने उनकी भक्ति और तपस्या से प्रसन्न हो कर उनकी यह इच्छा स्वीकार कर ली और देवताओं, ऋषियों के संकट दूर करने हेतु महर्षि कात्यायन के घर अश्विन कृष्णचतुर्दशी के दिन पुत्री रूप में जन्म लिया। इसलिए माता का नाम कात्यायनी पड़ा। 

कुछ समय पश्चात जब पूरी दुनिया में महिषासुर नामक राक्षस ने अपना उत्पात व तांडव मचाया था तब देवी ने दशमी के दिन महिषासुर का वध कर देवों और ऋषियों को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया। 

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माँ कात्यायनी की पूजा का विधान 

श्री माँ दुर्गा जी के इस छठे रूप में माँ कात्यायनी  की पूजा नवरात्रि के छठवें दिन होती है। इनकी पूजा बड़े विधि-विधान से करनी चहिये, अतः नवरात्र के छठवें दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठ कर, नियमित कार्यों के निवृत्त होकर, माँ के निमित्त विविध प्रकार की विहित पूजन की सामाग्री को संग्रहित करके भक्ति-भाव से पूजन करना चहिये और दुर्गसप्तशती का पाठ करें या ब्राह्मण से करवाएँ। माँ को केले का भोग लगना चहिये।

माँ कात्यायनी की पूरे भक्ति भाव से पूजा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है तथा शारीरिक बल और समृद्ध होता है। भक्त रोग और भय से मुक्त होता है तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष शत्रुओं से छुटकारा प्राप्त करता है। 

ऐसी भी मान्यता है की ब्रज की गोपियों ने भगवान कृष्ण को प्रियतम के रूप में पाने के लिए माँ कात्यायनी की पूजा कालिंदी यमुनाके तट पर की थी। 

माँ कात्यायनी के मंत्र

माँ कात्यायनी के अनेक मंत्र है, अतः ज़रूरतों के अनुसार उपयुक्त मंत्र का उच्चारण व जाप किए जाने का विधान है। यहाँ हम माँ के कुछ उपयोगी मंत्र बता रहे हैं जिन के जप से माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है 

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

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प्रार्थना मंत्र

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

ध्यान

वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहारूढा चतुर्भुजा कात्यायनी यशस्विनीम्॥
स्वर्णवर्णा आज्ञाचक्र स्थिताम् षष्ठम दुर्गा त्रिनेत्राम्।
वराभीत करां षगपदधरां कात्यायनसुतां भजामि॥
पटाम्बर परिधानां स्मेरमुखी नानालङ्कार भूषिताम्।
मञ्जीर, हार, केयूर, किङ्किणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रसन्नवदना पल्लवाधरां कान्त कपोलाम् तुगम् कुचाम्।
कमनीयां लावण्यां त्रिवलीविभूषित निम्न नाभिम्॥

माँ कात्यायनी की स्तोत्र पाठ (Mata Katyayani Stotra)

कञ्चनाभां वराभयं पद्मधरा मुकटोज्जवलां।
स्मेरमुखी शिवपत्नी कात्यायनेसुते नमोऽस्तुते॥
पटाम्बर परिधानां नानालङ्कार भूषिताम्।
सिंहस्थिताम् पद्महस्तां कात्यायनसुते नमोऽस्तुते॥
परमानन्दमयी देवी परब्रह्म परमात्मा।
परमशक्ति, परमभक्ति, कात्यायनसुते नमोऽस्तुते॥
विश्वकर्ती, विश्वभर्ती, विश्वहर्ती, विश्वप्रीता।
विश्वाचिन्ता, विश्वातीता कात्यायनसुते नमोऽस्तुते॥
कां बीजा, कां जपानन्दकां बीज जप तोषिते।
कां कां बीज जपदासक्ताकां कां सन्तुता॥
कांकारहर्षिणीकां धनदाधनमासना।
कां बीज जपकारिणीकां बीज तप मानसा॥
कां कारिणी कां मन्त्रपूजिताकां बीज धारिणी।
कां कीं कूंकै क: ठ: छ: स्वाहारूपिणी॥

माँ कात्यायनी की कवच ( Mata Katyayani Kavach)

कात्यायनौमुख पातु कां स्वाहास्वरूपिणी।
ललाटे विजया पातु मालिनी नित्य सुन्दरी॥
कल्याणी हृदयम् पातु जया भगमालिनी॥

|| माँ कात्यायनी की आरती ||

जय कात्यायनी माँ, मैया जय कात्यायनी माँ ।
उपमा  रहित  भवानी,   दूँ   किसकी  उपमा ॥
मैया जय कात्यायनी….

गिरजापति शिव का तप, असुर रम्भ कीन्हाँ ।
वर-फल जन्म रम्भ  गृह,  महिषासुर  लीन्हाँ ॥
मैया जय कात्यायनी….

कर  शशांक-शेखर   तप,  महिषासुर   भारी ।
शासन   कियो   सुरन  पर,  बन   अत्याचारी ॥
मैया जय कात्यायनी….

त्रिनयन  ब्रह्म  शचीपति,  पहुँचे, अच्युत  गृह ।
महिषासुर   बध   हेतू,   सुर   कीन्हौं   आग्रह ॥
मैया जय कात्यायनी….

सुन  पुकार  देवन मुख,  तेज  हुआ  मुखरित ।
जन्म लियो कात्यायनी, सुर-नर-मुनि के हित ॥
मैया जय कात्यायनी….

अश्विन कृष्ण-चौथ  पर,  प्रकटी  भवभामिनि ।
पूजे  ऋषि   कात्यायन,  नाम  काऽऽत्यायिनि ॥
मैया जय कात्यायनी….

अश्विन  शुक्ल-दशी    को,   महिषासुर  मारा ।
नाम   पड़ा   रणचण्डी,   मरणलोक    न्यारा ॥
मैया जय कात्यायनी….

दूजे      कल्प    संहारा,    रूप     भद्रकाली ।
तीजे    कल्प    में    दुर्गा,   मारा   बलशाली ॥
मैया जय कात्यायनी….

दीन्हौं पद  पार्षद  निज,  जगतजननि  माया ।
देवी   सँग    महिषासुर,  रूप   बहुत   भाया ॥
मैया जय कात्यायनी….

उमा     रमा     ब्रह्माणी,    सीता    श्रीराधा ।
तुम  सुर-मुनि  मन-मोहनि, हरिये  भव-बाधा ॥
मैया जय कात्यायनी….

जयति   मङ्गला  काली,  आद्या  भवमोचनि ।
सत्यानन्दस्वरूपणि,        महिषासुर-मर्दनि ॥
मैया जय कात्यायनी….

जय-जय  अग्निज्वाला,   साध्वी   भवप्रीता ।
करो  हरण   दुःख   मेरे,   भव्या    सुपुनीता॥
मैया जय कात्यायनी….

अघहारिणि भवतारिणि, चरण-शरण  दीजै ।
हृदय-निवासिनि    दुर्गा,   कृपा-दृष्टि  कीजै ॥
मैया जय कात्यायनी….

ब्रह्मा  अक्षर  शिवजी,  तुमको   नित  ध्यावै ।
करत ‘अशोक’ नीराजन, वाञ्छितफल पावै॥
मैया जय कात्यायनी….

(आरती रचना-अशोक कुमार खरे)

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ज्योतिषीय पहलू

ज्योतिष के अनुसार देवी कात्यायनि बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती , इसलिए उनकी विधिवत उपासना करने से बृहस्पति के द्वारा पड़ने वाले बुरे प्रभाव भी निष्क्रिय हो जाते हैं।

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