if ( ! function_exists( 'jnews_get_views' ) ) {
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* Gets views count.
*
* @param int $id The Post ID.
* @param string|array $range Either an string (eg. 'last7days') or -since 5.3- an array (eg. ['range' => 'custom', 'time_unit' => 'day', 'time_quantity' => 7])
* @param bool $number_format Whether to format the number (eg. 9,999) or not (eg. 9999)
* @return string
*/
function jnews_get_views( $id = null, $range = null, $number_format = true ) {
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if ( ! function_exists( 'jnews_view_counter_query' ) ) {
/**
* Do Query
*
* @param $instance
* @return array
*/
function jnews_view_counter_query( $instance ) {
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The post Rahu Mahadasha: राहु की महादशा कितने वर्ष की होती है? इसके फल और अचूक उपाय appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.
]]>राहु की महादशा 18 वर्ष की होती है। वहीं राहु में राहु की अंतर्दशा का काल 2 वर्ष 8 माह और 12 दिन का होता है।
प्रभाव: राहु की महादशा में राहु की अंतर्दशा अत्यंत ही पीड़ादायक होती है। इसमें जातक को जीवन में बहुत सी बाधाओं और बदनामी का सामना करना पड़ता है। इस दौरान जातक को विष से खतरा बना रहता है।
उपाय: इससे बचने के लिए जातक को रविवार के दिन भगवान भैरव के मंदिर में मदिरा चढ़ाना चाहिए और तेल का दीपक जलाना चाहिए, लेकिन भूलकर भी भैरव देवता को चढ़ाई गई शराब को प्रसाद मानकर आप पीने की कोशिश न करें।
अवधि: राहु की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा की यह अवधि 2 वर्ष 4 माह और 24 दिन की होती है।
प्रभाव: राहु और देवगुरु बृहस्पति का यह संयोग सुखदायी होता है। इस दौरान जातक की सेहत और विचार दोनों ही उत्तम होते हैं। उसका धार्मिक कार्यों में खूब मन लगता है।
उपाय: इस दौरान जातक को किसी किसी दिव्यांग छात्र की पढ़ाई या इलाज में मदद करनी चाहिए।
अवधि: राहु में शनि की अंतरदशा 2 वर्ष 10 माह और 6 दिन की होती है।
प्रभाव: इस दौरान जातक के परिवार में कलह की स्थिति बनती है। नौकरी में या घर के नौकर से समस्याएं होती हैं। अचानक चोट या दुर्घटना के दुर्योग, कुसंगति आदि की आशंका होती है।
उपाय: इससे बचने के लिए जातक को प्रतिदिन भगवान शिव का शमी की पत्तियों से पूजन और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
अवधि: राहु की महादशा में बुध की अंतर्दशा की अवधि 2 वर्ष 3 माह और 6 दिन की होती है।
प्रभाव: इस दौरान जातक को धन और पुत्र की प्राप्ति के योग बनते हैं। साथ ही साथ व्यापार का विस्तार और मान, सम्मान यश और सुखों में वृद्धि होती है।
उपाय: इस दौरान जातक को गणपति की साधना आराधना करनी चाहिए और पक्षियों को हरी मूंग खिलाएं।
ये भी पढ़ें – राहु काल क्या होता हैं? इसमें कोई भी शुभ कार्य करना क्यों वर्जित है।
अवधि: राहु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा दशा पूरे 3 साल चलती है।
प्रभाव: इस दौरान जातक को दाम्पत्य सुख, वाहन और भूमि सुख की प्राप्ति होती है।
उपाय: इस अवधि में शुभ फल की प्राप्ति के लिए सांड को गुड़ या घास खिलाना चाहिए।
अवधि: राहु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा 10 माह 24 दिन की होती है।
प्रभाव: इस दौरान जातक को शत्रुओं से संकट, शस्त्र से घात, अग्नि और विष से हानि, आंखों में रोग, राज्य या शासन से भय, परिवार में कलह आदि का खतरा रहता है।
उपाय: इससे बचने के लिए व्यक्ति को प्रतिदिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
अवधि: राहु में चंद्र की अंतर्दशा एक वर्ष 6 माह की होती है।
प्रभाव: इस दौरान जातक को अत्यधिक मानसिक कष्ट होता है। जीवनसाथी से अनबन, तलाक और मृत्युतुल्य कष्ट मिलते हैं।
उपाय: इससे बचने के लिए माता अथवा माता की उम्र वाली महिलाओं का सम्मान और सेवा करनी चाहिए। साथ ही साथ भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।
अवधि: राहु की महादशा में मंगल की अंतर्दशा का समय 1 वर्ष 18 दिन का होता है।
प्रभाव: इस दौरान जातक को शासन व अग्नि से भय बना रहता है। साथ ही साथ चोरी, अस्त्र शस्त्र से चोट, शारीरिक पीड़ा, गंभीर रोग की भी आशंका रहती है।
उपाय: इससे बचने के लिए भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें प्रत्येक मंगलवार के दिन गुलाल चढ़ाएं।
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]]>The post Rashi parivartan 2022 : राहु केतु राशि परिवर्तन , इन पाँच राशि वालों पर पड़ेगा असर appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.
]]>मेष राशि :- आपको अपने रिश्तों के प्रति सावधान रहने की सलाह दी जाती है। हो सकता है कि इस क्षेत्र में आपको कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आपके जीवन में वित्तीय समस्याएं सामने आ सकती हैं।
तुला राशि :- तुला राशि वाले जातकों के लिए राहु सप्तम भाव में और केतु प्रथम भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको पैसों के लेन-देन, सेहत और रिश्तों के मामलों में ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु केतु ग्रहों की शुभ स्थिति है तो इस गोचर के माध्यम से उनके जीवन में विकास और परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
धनु राशि :- धनु राशि वाले जातकों के लिए यह समय ज्यादा अच्छी नहीं रहने वाला है। इस दौरान आपको भविष्य को लेकर असुरक्षा हो सकती है। गोचर काल की अवधि में गलत निर्णय लेने की वजह से आपको धन की हानि भी हो सकती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि इसअवधि में धन से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला न लें।
मकर राशि :- मकर राशि के लिए राहु-केतु चौथे और दसवें भाव में क्रमश: गोचर करेंगे। केतु गोचर आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। लेकिन राहु गोचर आपके लिए ज्यादा अच्छा नहीं है। इस दौरान आपके परिवार में कुछ समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मीन राशि :- मीन राशि के लिए यह गोचर प्रतिकूल परिणाम लेकर आएगा। इस दौरान आपको आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
इस लेख में लिखी बातों से आप को डराया नहीं बल्कि सचेत किया जा रहा है। यह ज्योतिष वाणी राशि विशेष से जुड़ी है न कि व्यक्ति विशेष से.. अतः आप को सलाह दी जाती है कि कोई भी उपाय करने से पूर्व अपनी कुंडली की विस्तृत विवेचना करवाएं। विवेचना करवाएं करवाने के लिए आप हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य (Astrologer) से 8929439369 पे और astrodeeva के Facebook और instagram पेज के माध्यम से भी सम्पर्क कर सकते है।
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]]>The post Rahu Kaal : राहु काल क्या है, इसमें शुभ कार्य करना वर्जित क्यों है? appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.
]]>राहु काल, प्रत्येक दिवस की एक निश्चित समयावधि होती है, जो लगभग डेढ़ घण्टे (एक घण्टा तीस मिनट) तक रहती है। राहु काल, सूर्योदय तथा सूर्यास्त के मध्य, दिन के आठ खण्डों में से एक खण्ड है। एक निश्चित स्थान के अनुसार, सूर्योदय तथा सूर्यास्त के मध्य की कुल समयावधि को निकालकर, उस अवधि को आठ से विभाजित करने के पश्चात्, दिन के आठ खण्डों की गणना की जाती है।
सूर्योदय तथा सूर्यास्त के स्थानीय समय में अन्तर के कारण, राहु काल का समय व अवधि दो स्थानों के लिये समान नहीं होती है। यहाँ तक कि, एक स्थान के लिये भी राहु काल का समय व अवधि सभी दिनों के लिये समान नहीं होती है, क्योंकि प्रतिदिन सूर्योदय तथा सूर्यास्त का समय परिवर्तित होता रहता है। अन्य शब्दों में कहें तो, राहु काल प्रत्येक स्थान तथा दिन के अनुसार परिवर्तित होता रहता है। इसलिये, राहु काल प्रत्येक दिन देखना चाहिये।
सूर्योदय के पश्चात् प्रथम खण्ड (सूर्योदय एवं सूर्यास्त के बीच के आठ खण्डो में से एक) सदैव शुभः होता है, यह लगभग डेढ़ घण्टे तक रहता है। माना जाता है कि, यह अवधि सदैव राहु के प्रभाव से मुक्त रहती है। सोमवार को राहु काल दूसरे खण्ड में, शनिवार को तीसरे खण्ड में, शुक्रवार को चौथे खण्ड में, बुधवार को पाँचवें खण्ड में, गुरुवार को छठे खण्ड में, मंगलवार को सातवें तथा रविवार को आठवें खण्ड में रहता है।
कुछ लोग, राहु काल को रात्रि की अवधि के लिये भी मानते हैं, जो कि कम लोकप्रिय है, क्योंकि अधिकांश महत्वपूर्ण एवं शुभः कार्य दिन के समय आरम्भ किये जाते हैं। रात्रि के समय राहु काल की गणना सूर्यास्त तथा अगले दिन सूर्योदय के बीच की अवधि को आठ से विभाजित करके भी की जा सकती है। मंगलवार, शुक्रवार तथा रविवार के दिन राहु काल का सप्ताह के अन्य दिनों की तुलना में अधिक प्रभाव पड़ता है। मुख्यतः दक्षिण भारत में, राहु काल को अत्यधिक महत्व दिया जाता है।
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]]>The post Rahu ketu Rashi parivartan 2020: 23 सितंबर से राहु-केतु बदल रहे हैं राशि, जानिए किस राशि पर कैसा प्रभाव appeared first on हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव.
]]>राहु ग्रह 23 सितंबर को सुबह 05:30 बजे मिथुन राशि से वर्षभ राशि मे परिवर्तन करेंगे और 12 अप्रैल 2022 तक यहाँ रहेंगे। राहु वृषभ राशि में उच्च का होता है, इसलिए यहां यह दोगुने प्रभाव देगा। अर्थात् यदि किसी राशि के लिए यह शुभ है तो उसे दोगुना शुभ फल देगा और यदि किसी के लिए विपरीत है तो उसके जीवन में दोगुनी परेशानियां आ सकती हैं ।
केतु 23 सितंबर 2020 को सुबह 08:00 बजे से धनु राशि से वृश्चिक राशि मे परिवर्तन करेंगे और और 12 अप्रैल 2020 सुबह 08:30 बजे तक रहेंगे | राहु और केतु के गोचर से राशियों मे ही नहीं अपितु राज्य और प्रशासन पर भी असर देखने को मिलेगा | व्यापार मे नवंबर के बाद धीरे धीरे प्रगति होगी लेकिन मन से सभी को अंहकार को दूर करना होगा |
राहु और केतु का परिवर्तन मानसिक उलझन बढ़ाएगा | रोग भी बड़ाएगा | नॉकरी पेशा वर्ग और व्यापारियों के जीवन मे मई तक कई तरह के उत्तार चढ़ाव देखने को मिलेंगे । पैसे के निवेश को सोच समझ कर करने की जरूरत है | मेहनत करे तभी परिणाम आपके साथ होंगे |गुस्सा न करे नहीं तो जीवन मे कलह उत्पन्न करेगा |
उपाय –गले मे चाँदी धारण करें और गुड और आटा दान करें है |
राहु और केतु का परिवर्तन स्वास्थ्य के प्रति खास तौर से पेट के रोग बढ़ाएगा | ख़र्चों को बड़ाएगा | किसी को पैसा उधार न दे | क्रोध बिल्कुल न करे, वाणी खराब रहेगी घर मे कलह उत्पन्न हो सकती है | काम मे अरुचि उत्पन्न करेगा | लेकिन अगर आप प्रोपेशनल रूप से अपने काम को करते रहेंगे तो आप को आगे चलकर उच्च कोटी परिणाम भी हासिल होंगे |
उपाय – चंदन का तिलक मस्तक पे लगा कर जाए या जेब मे चंदन की लकड़ी रखे | वाणी पे नियंत्रण रखे ,मत से मधुर संभनद बना कर रखे |
राहु और केतु का परिवर्तन के कारण अगले 18 महीने बहुत ध्यान से चलने की आवश्यकता है | जल्दवाजी मे कोई कार्य प्रारंभ न करे | बहुत सोच समझकर पैसा लगाए तो धन लाभ भी कराएगा | यात्रा भी बहुत कराएगा | भागदौड़ भी बहुत कराएगा अगर आप काम के सिलसिले मे भागदौड़ करेंगे तो सफलता भी दिलाएगा |
उपाय – चाँदी के गिलास मे रात को पानी भर कर रख कर सोये और सुबह उठकर उसे पी ले और कोई भी आपके घर आए तो उसके साथ बहुत सम्मान से उसका आदर करे और उसे जल पीने के लिए दे |
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राहु और केतु का परिवर्तन लाभदायक सिद्ध होगा | आप मे आत्मविश्वास बड़ाएगा | आपके संबंध सुधरेगे यदपि रिश्तों मे परेशानीयां आएंगी लेकिन परेशानियों से आप निपटते चले जाएंगे। धैर्य के साथ आप परेशानियों को दरकिनार करते चले जाएंगे | व्यापार मे लाभ नॉकरी मे प्रमोशन मिल सकता है | राजनीति मे जो लोग है उन्हे कोई पद प्राप्त हो सकता है | लेकिन फरवरी से जून का समय बहुत सोच समझ कर निकालना होगा और उसमे भी मई जून में अधिक संभल कर चलना होगा |
उपाय -चांदी धारण करे जो भी काम हाथ मे ले उसे इस दौरान अधूरा न छोड़े और न ही कल पर टाले |
सिंह राशि वालों के लिए राहु केतु का परिवर्तन लाभदायक सिद्ध होगा | सामाजिक राजनैतिक लाभ प्राप्त हो सकते है |उन्नति हो सकती है आर्थिक स्थिति जनवरी के बाद से सुधरती नजर आ रही है लेकिन आपको बहुत संभलकर चलना है क्योंकि इस दौरान आपके शत्रु आपको परेशान कर सकते है जनवरी तक विवेक से काम ले विवेक न खोए आपकी सबसे बड़ी कमजोरी मुहँ फट होना है मेहनत करे विवेक का और धैर्य का साथ न छोड़े |
उपाय – शराब और माँस या नशा नहीं करना और घर के किसी कोने मे चांदी दबा दे |
राहु केतु का परिवर्तन इस राशि के जातकों को अचानक लाभ प्रदान करेगा , सफलता मिलेगी। व्यापारियों, राजनैतिक लोगों और इस राशि के जो लोंग किसी कंपटीशन की तैयारी मे लगे है उन्हे इसका लाभ प्राप्त होगा | इसलिए आप खूब मेहनत करें|
उपाय: अपने भाई –बहनों का ध्यान रखना है और कुत्तों की देख–भाल करनी है |
इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरुरत है। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले बड़ों की राय पक्का ले। अगले 18 महीने नौकरी, व्यपार, घर गृहस्ती, मकान के लिए ठीक हैं।
उपाय: हर शनिवार नारियल का दान जरुर करें और किसी बर्तन में चाँदी डाल कर उस का जल पियें। अगर ज़्यादा परेशानी आ रही हो तो गंगा जल का दान करने से लाभ होगा।
राहु केतु का यह राशि परिवर्तन इस राशि के जातकों के लिए अनुकूल है पर कठिन परिश्रम करना होगा तब ही अनुकूल फल प्राप्त होगा। शत्रुओं से सावधान रहना होगा , कोई अपना धोखा दे सकता है पर कोई मित्र आप की मदद करेगा। इस राशि के जातकों के व्यापार में बढ़ोतरी होगी। नयी नौकरी मिलने का योग है। राहु केतु का यह परिवर्तन आप की गृहस्ती में थोड़ी अड़चन ला सकता है तो वाणी में मधुरता और परिवार में सामंजस्य बना कर चलें।
उपाय: लोगों को नारियल पानी पिलायें और अपना कार्य ईमानदारी से करें।
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धनु राशि के जातकों के लिए यह राशि परिवर्तन उत्तम फल देने वाला है। इस राशि के जातक जो वक्ता है या ऐसे कार्य से जुड़े है जिसमें बुद्धि का अधिक प्रयोग होता है उन को आगे बढ़ने में यह परिवर्तन मददगार साबित होगा, परंतु आलस्य को हावी ना होने दें। नये मित्र बनेंगे जो आप को लाभ प्रदान करेंगे। विदेश जाने का अवसर भी मिल सकता है। इस राशि के विद्यार्थियों को कड़ा परिश्रम करना होगा ख़ासकर इंटर्व्यू में सोच समझ कर बोलें वर्ना नुकसान हो सकता है।
उपाय: केसर का तिलक प्रतिदिन लगायें और पीले रंग की धातु जैसा सोना या पीले रंग का धागा धारण करें।
मकर राशि के जातकों के लिए यह राशि परिवर्तन उत्तम फल देने वाला है लेकिन चोरी ठगी होने की सम्भावना है तो सतर्क रहने की जरुरत है। मार्च 2021 के बाद समय सकारात्मक होगा, धन सम्बन्धी कार्य बनते दिख रहे है। वाहन सुख मिलने के योग भी बनेंगे, परंतु वाहन ध्यान से चलायें वर्ना दुर्घटना भी हो सकती है। बड़े बुजुर्गों का ध्यान रखें ताकि उन का आशीर्वाद आप के कार्यों को सफल होने में मदद करे।
उपाय: मंगलवार को मजदुर को भोजन करायें और पीले रंग की टोपी पहने।
राहु केतु का यह राशि परिवर्तन इस राशि के जातकों के लिए प्रतिकूल रहने वाला है। कार्यों में अस्थिरता दिखायी दे रही है और बनते काम बिगड़ते हुए दिख रहे है। अगले 20 महीने धैर्य रखें और कार्य को बीच में ना छोड़ें वरना परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
उपाय: मंगलवार और शनिवार के दिन जरुरतमंद को दान जरुर करें। अगर परेशानी हो रही है तो लोहे की अंगूठी दाहिने हाथ की माध्यम अंगुली में शनिवार को धारण करें, लाभ होगा।
इस राशि के जातकों को अगले 18 महीने अपनी वाणी पर ध्यान रखने की जरुरत है आप जितना मधुर और आदर से बोलेंगे उतना ही आप के भाग्य में वृद्धि होगी। आप को कड़ी मेहनत से नहीं घबराना चहिये आप जितनी भागदौड़ या मेहनत करेंगे आप के तरक्की की उतनी ही संभावना बनेगी। अपने बड़े बुजुर्गों से, मित्रों से व परिवार जनो से अच्छे संबंध बना कर रखें उन की सलाह आप को सकारात्मक फल प्राप्त करने में मददगार हो सकती है।
उपाय: मंगलवार और शनिवार के दिन किचन में बैठ कर भोजन करें। गुस्सा और जिद्दीपन पूर्ण रूप से त्याग दें और नियमित सौंफ का सेवन करें।
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