if ( ! function_exists( 'jnews_get_views' ) ) { /** * Gets views count. * * @param int $id The Post ID. * @param string|array $range Either an string (eg. 'last7days') or -since 5.3- an array (eg. ['range' => 'custom', 'time_unit' => 'day', 'time_quantity' => 7]) * @param bool $number_format Whether to format the number (eg. 9,999) or not (eg. 9999) * @return string */ function jnews_get_views( $id = null, $range = null, $number_format = true ) { $attr = array( 'id' => $id, 'range' => $range, 'number_format' => $number_format, ); $query_hash = 'query_hash_' . md5( serialize( $attr ) ); $views = wp_cache_get( $query_hash, 'jnews-view-counter' ); if ( false === $views ) { $views = JNews_View_Counter()->counter->get_views( $id, $range, $number_format ); wp_cache_set( $query_hash, $views, 'jnews-view-counter' ); } return $views; } } if ( ! function_exists( 'jnews_view_counter_query' ) ) { /** * Do Query * * @param $instance * @return array */ function jnews_view_counter_query( $instance ) { $query_hash = 'query_hash_' . md5( serialize( $instance ) ); $query = wp_cache_get( $query_hash, 'jnews-view-counter' ); if ( false === $query ) { $query = JNews_View_Counter()->counter->query( $instance ); wp_cache_set( $query_hash, $query, 'jnews-view-counter' ); } return $query; } } Road Archives - हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव https://astrodeeva.com/tag/road/ Daily Dose of Astrology Thu, 17 Feb 2022 18:59:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://astrodeeva.com/wp-content/uploads/2022/03/cropped-Logo-32x32.png Road Archives - हिंदू व्रत, त्योहार एवं उत्सव https://astrodeeva.com/tag/road/ 32 32 Trinetra Ganesh : पूरे विश्व का एक मात्र मंदिर जहाँ है गणेश जी की 3 आँखें, जाने तीसरी आँख का रहस्य https://astrodeeva.com/trinetra-ganesh-is-the-only-temple-in-the-whole-world-where-3-eyes-of-ganesh-ji-know-the-secret-of-third-eye/ https://astrodeeva.com/trinetra-ganesh-is-the-only-temple-in-the-whole-world-where-3-eyes-of-ganesh-ji-know-the-secret-of-third-eye/#comments Thu, 17 Feb 2022 18:59:32 +0000 https://astrodeeva.com/?p=2890 Trinetra Ganesh – त्रिनेत्र गणेश मंदिर भारत के राजस्थान प्रांत में सवाई माधोपुर जिले में स्थित है। यह मंदिर विश्व धरोहर में शामिल “रणथम्भौर दुर्ग” के भीतर बना हुआ है। अरावली और विन्ध्याचल पहाड़ियों के बीच स्थित रणथम्भौर दुर्ग में त्रिनेत्र गणेश मंदिर प्रकृति व आस्था का अनूठा संगम है। यहाँ गणेश जी अपने भक्तों की […]

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Trinetra Ganesh – त्रिनेत्र गणेश मंदिर भारत के राजस्थान प्रांत में सवाई माधोपुर जिले में स्थित है। यह मंदिर विश्व धरोहर में शामिल “रणथम्भौर दुर्ग” के भीतर बना हुआ है। अरावली और विन्ध्याचल पहाड़ियों के बीच स्थित रणथम्भौर दुर्ग में त्रिनेत्र गणेश मंदिर प्रकृति व आस्था का अनूठा संगम है। यहाँ गणेश जी अपने भक्तों की मनोकामना लड्डू, दुर्वा, फल, फूल या पूजा पाठ से नहीं, अपितु चिट्ठी लिखकर चढ़ाने से पूरी करते हैं और भक्तों की अर्जी स्वीकार करते हैं। यहां अर्जी लगाने वाला कभी निराश नहीं होता उसकी मनोकामना पूरी होकर ही रहती है।

देश भर से भक्‍त अपने घर में होने वाले हर मंगल कार्य का पहला निमंत्रण यहां भगवान गणेश के लिए भेजते हैं। इन निमंत्रण पत्रों पर पता लिखा जाता है “श्री गणेश जी, रणथंभौर का किला, जिला- सवाई माधोपुर (राजस्थान)”, और निमंत्रण आराम से गणपति के पास पहुंच जाता है। इतना ही नहीं मंदिर के पुजारी इन निमंत्रण पत्रों को भगवान को पढ़ कर सुनाते भी हैा ताकि भगवान को निमंत्रण भेजने वाले के कार्यक्रम की सूचना मिल जाये।

इस गणेश मंदिर का निर्माण महाराजा हम्मीरदेव चौहान ने करवाया था लेकिन मंदिर के अंदर भगवान गणेश की प्रतिमा स्वयंभू है। इस मंदिर में भगवान गणेश त्रिनेत्र रूप में विराजमान है जिसमें तीसरा नेत्र ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

विराजमान है गणपति का पूरा परिवार

पूरी दुनिया में यह एक ही मंदिर है जहाँ भगवान गणेश जी अपने पूर्ण परिवार, दो पत्नी- रिद्दि और सिद्दि एवं दो पुत्र- शुभ और लाभ, के साथ विराजमान है। भारत में चार स्वयंभू गणेश मंदिर माने जाते है, जिनमें रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश जी प्रथम है। इस मंदिर के अलावा सिद्दपुर गणेश मंदिर गुजरात, अवंतिका गणेश मंदिर उज्जैन एवं सिद्दपुर सिहोर मंदिर मध्यप्रदेश में स्थित है।

त्रिनेत्र गणेश प्रतिमा का इतिहास – History Of Trinetra Ganesh

प्रतिमा का इतिहास है कि भगवान राम ने लंका कूच करते समय इसी गणेश का अभिषेक कर पूजन किया था। अत: त्रेतायुग में यह प्रतिमा रणथम्भौर में स्वयंभू रूप में स्थापित हुई और लुप्त हो गई। एक और मान्यता के अनुसार जब द्वापर युग में भगवान कृष्ण का विवाह रूकमणी से हुआ था तब भगवान कृष्ण गलती से गणेश जी को बुलाना भूल गए जिससे भगवान गणेश नाराज हो गए और अपने मूषक को आदेश दिया की विशाल चूहों की सेना के साथ जाओं और कृष्ण के रथ के आगे सम्पूर्ण धरती में बिल खोद डालो। इस प्रकार भगवान कृष्ण का रथ धरती में धँस गया और आगे नहीं बढ़ पाये। मूषकों के बताने पर भगवान श्रीकृष्ण को अपनी गलती का अहसास हुआ और रणथम्भौर स्थित जगह पर गणेश को लेने वापस आए, तब जाकर कृष्ण का विवाह सम्पन्न हुआ। तब से भगवान गणेश को विवाह व मांगलिक कार्यों में प्रथम आमंत्रित किया जाता है। यही कारण है कि रणथम्भौर गणेश को भारत का प्रथम गणेश कहते है।

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तीसरे नेत्र की मान्यता

रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश जी दुनिया के एक मात्र गणेश है जो तीसरा नयन धारण करते है। गजवंदनम् चितयम् में विनायक के तीसरे नेत्र का वर्णन किया गया है, लोक मान्यता है कि भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र उत्तराधिकारी स्वरूप सौम पुत्र गणपति को सौंप दिया था और इस तरह महादेव की सारी शक्तियाँ गजानन में निहित हो गई।महागणपति षोड्श स्त्रौतमाला में विनायक के सौलह विग्रह स्वरूपों का वर्णन है। महागणपति अत्यंत विशिष्ट व भव्य है जो त्रिनेत्र धारण करते है, इस प्रकार ये माना जाता है कि रणथम्भौर के रणतभंवर महागणपति का ही स्वरूप है।

त्रिनेत्र गणेश मंदिर कैसे पहुंचे ? – How to Reach Trinetra Ganesh Temple Ranthambore Rajasthan

त्रिनेत्र गणेश मंदिर सवाई माधोपुर जिले में स्थित है, यहाँ पर ट्रेन और बस द्वारा देश के अन्य क्षेत्रों से काफी आसानी से पहुंचना जा सकता है। तो आइए जानते हैं कि फ्लाइट, ट्रेन और बस से त्रिनेत्र गणेश मंदिर कैसे पहुंचे ?

हवाई जहाज से –By Flight

रणथंबोर में स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर का नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर में है, जो इस मंदिर से करीब 182 किमी. की दूरी पर स्थित है। जयपुर एयरपोर्ट से आप टैक्सी बस या ट्रेन द्वारा सवाई माधोपुर आ सकते हैं और वहां से आपको त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने के लिए कैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे आप मंदिर में आसानी से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन से कैसे पहुंचे ? – By Train

निकटतम रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर है, जहां पर आप देश के प्रमुख शहरों से ट्रेन द्वारा पहुंच सकते हैं और वहां से कैब द्वारा त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक जा सकते हैं।

बस कैसे पहुंचे– By Bus

गणेश जी के इस मंदिर का सबसे नजदीकी बस स्टैंड सवाई माधोपुर है, जहां आने के लिए राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से रेगुलर बसें चलती हैं।

मैं आशा करता हूं कि इस जानकारी से आपको त्रिनेत्र गणेश मंदिर के बारे में कुछ बातें जानने को मिली होगी। अन्य तीर्थ स्थलों के बारे में जानने के लिए आप हमारे वेबसाइट के कैटेगरी को चेक आउट करना ना भूलें।

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